बीकेटीसी बोर्ड बैठक में दूसरे चरण की यात्रा व्यवस्थाओं पर मंथन, सीएम धामी और पर्यटन मंत्री महाराज का जताया आभार
ऋषिकेश।
भारत केसरी
वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा के प्रथम चरण में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में अब तक 32 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। शनिवार को ऋषिकेश स्थित ट्रांजिट कैंप कार्यालय में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की बोर्ड बैठक में यात्रा की व्यवस्थाओं और दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने चारधाम यात्रा के सफल संचालन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों और बेहतर व्यवस्थाओं के चलते इस वर्ष यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
बीकेटीसी के अनुसार अब तक बदरीनाथ धाम में 17,22,908 और केदारनाथ धाम में 14,92,047 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। दोनों धामों से मंदिर समिति को अब तक 76 करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है। वहीं, बदरीनाथ-केदारनाथ समेत चारधाम और हेमकुंड साहिब में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 50 लाख से अधिक हो चुकी है, जबकि यात्रा के लिए 60 लाख से ज्यादा पंजीकरण किए जा चुके हैं।
अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अब तक करीब 20 प्रतिशत अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। यात्रा के कपाट बंद होने में अभी लगभग दो माह का समय शेष है।

दूसरे चरण की व्यवस्थाओं पर फोकस
बैठक में दूसरे चरण की यात्रा को और बेहतर बनाने के लिए भीड़ प्रबंधन, सीसीटीवी व्यवस्था, यात्रा एसओपी और मंदिर समिति की वेबसाइट के आधुनिकीकरण पर चर्चा की गई। चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने से जुड़े प्रस्ताव पर भी विचार हुआ।
इसके अलावा ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ के जीर्णोद्धार के दूसरे चरण, तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और त्रियुगीनारायण मंदिर को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बोर्ड बैठक में अस्थायी कर्मचारियों के स्थायीकरण, समान कार्य-समान वेतन, कर्मचारियों की पदोन्नति और दिवंगत अस्थायी कर्मचारियों के परिजनों को आर्थिक सहायता सहित कई कर्मचारी हितों से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में भीड़ प्रबंधन के लिए विशेषज्ञों की मदद लेने, कर्मचारी सेवा नियमावली में संशोधन और वेद संस्कृत महाविद्यालय खोलने से जुड़े प्रस्ताव भी पारित किए गए। बैठक का संचालन बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने किया।

