‘लखपति दीदी’ अभियान को नई रफ्तार, सहसपुर में 2,500 महिलाओं के लिए सामान्य सुविधा केंद्र शुरू
देहरादून, 15 सितंबर। मुख्यमंत्री के ‘लखपति दीदी’ संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में जिला प्रशासन देहरादून ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत विकासखंड सहसपुर के शंकरपुर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित सामान्य सुविधा केंद्र का शुभारंभ किया गया। केंद्र से 223 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब 2,500 महिलाओं को स्वरोजगार और सामूहिक उत्पादन का लाभ मिलेगा।
केंद्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी और विशिष्ट अतिथि सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने किया। जिला प्रशासन की पहल पर पुनर्जीवित किए गए इस केंद्र का संचालन आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन द्वारा किया जा रहा है।
सिलाई और जूट उत्पादों का होगा निर्माण
सामान्य सुविधा केंद्र में महिलाएं सिलाई के साथ जूट बैग और कपड़े की थैलियों का निर्माण करेंगी। पर्यावरण अनुकूल इन उत्पादों से सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने में भी मदद मिलेगी।
अधिकारियों के अनुसार केंद्र महिलाओं को सामूहिक उत्पादन और स्वरोजगार से जोड़ने के साथ उनकी आय बढ़ाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पुराने भवन को उत्पादन इकाई में किया गया तब्दील
कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि खादी ग्रामोद्योग के पुराने और लंबे समय से अनुपयोगी भवन को मुख्य विकास अधिकारी की पहल पर विभिन्न विभागों के समन्वय से पुनर्जीवित किया गया है। जिला उद्योग केंद्र, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और खादी ग्रामोद्योग समेत संबंधित विभागों के कन्वर्जेंस से यहां उत्पादन इकाई स्थापित की गई है।
उन्होंने कहा कि क्लस्टर लेवल फेडरेशन से जुड़ी महिलाएं यहां उच्च गुणवत्ता वाले बैग तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और प्रदेश स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

‘लखपति दीदी’ के बाद ‘करोड़पति दीदी’ की ओर कदम
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ‘लखपति दीदी’ अभियान को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रदेश में करीब सवा पांच लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जिनमें से तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि बाकी महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। राज्य की कई लखपति दीदियां अब करोड़पति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
आईआईएम काशीपुर देगा तकनीकी और उद्यमिता सहयोग
भरत सिंह चौधरी ने बताया कि महिला समूहों को तकनीकी ज्ञान, उद्यमिता विकास और बाजार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने के लिए आईआईएम काशीपुर के साथ समझौता ज्ञापन किया गया है।
आईआईएम काशीपुर का इनक्यूबेशन सेंटर महिलाओं को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा, जबकि सरकार की ओर से आवश्यक वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाएगी।
यूनिफॉर्म और वर्दी निर्माण की भी तैयारी
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भविष्य में सामान्य सुविधा केंद्र की गतिविधियों को केवल बैग निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा। क्लस्टर लेवल फेडरेशन के माध्यम से विद्यालयी बच्चों की यूनिफॉर्म, पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी जवानों की वर्दियां तैयार करने की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को इसी मॉडल पर एक अन्य उत्पादन इकाई स्थापित करने के निर्देश दिए।
अन्य जिलों में भी लागू होगा सहसपुर मॉडल
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि सहसपुर स्थित सामान्य सुविधा केंद्र कई वर्षों से संचालित नहीं हो रहा था। स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की क्लस्टर लेवल फेडरेशन को मशीनें उपलब्ध कराकर इसे एकीकृत उत्पादन इकाई के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की महिला सशक्तीकरण और स्वरोजगार की परिकल्पना के अनुरूप जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों के कन्वर्जेंस और जिला योजना के सहयोग से केंद्र को पुनर्जीवित किया है। स्थानीय क्लस्टर लेवल फेडरेशन के साथ एमओयू कर इकाई उसे हस्तांतरित की गई है और महिलाओं ने यहां उत्पादों का निर्माण भी शुरू कर दिया है।
सीडीओ ने कहा कि जिला प्रशासन महिलाओं को प्रशिक्षण, उत्पादन, पैकेजिंग और बाजार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सहयोग देगा।
महिलाओं ने कहा- बढ़ेगा आत्मविश्वास और पारिवारिक आय
केंद्र से जुड़ी महिला लाभार्थियों ने बताया कि इसके संचालन से उन्हें अपने क्षेत्र में ही नियमित आजीविका का अवसर मिला है। आधुनिक मशीनों और सामूहिक कार्य व्यवस्था के जरिए वे बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर पा रही हैं।
महिलाओं का कहना है कि इस पहल से उनके आत्मविश्वास के साथ-साथ पारिवारिक आय में भी वृद्धि होगी और उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने का बेहतर अवसर मिलेगा। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का आभार जताया।
