नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को लेकर तीरथ सिंह रावत से मिले नर्सिंग एकता मंच के पदाधिकारी
देहरादून। नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर नर्सिंग एकता मंच के पदाधिकारियों ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत से मुलाकात की। इस दौरान मंच के पदाधिकारियों ने वर्तमान नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया सहित अभ्यर्थियों की विभिन्न मांगों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के साथ विस्तार से चर्चा की।
वर्षवार वरिष्ठता प्रणाली से भर्ती की मांग
नर्सिंग एकता मंच के पदाधिकारियों ने तीरथ सिंह रावत के समक्ष अपनी प्रमुख मांग रखते हुए कहा कि पूर्व में नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती वर्षवार वरिष्ठता प्रणाली के आधार पर की जाती थी। मंच का कहना है कि इस व्यवस्था के तहत लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे योग्य अभ्यर्थियों को भी समान अवसर मिलता था।
पदाधिकारियों ने कहा कि वर्षवार भर्ती प्रणाली से विभाग को अनुभवी और योग्य नर्सिंग अधिकारी उपलब्ध होने के साथ ही लंबे समय से भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने का अवसर प्राप्त होता था।
तीरथ सिंह रावत के कार्यकाल का भी दिया हवाला
मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि तीरथ सिंह रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान भी नर्सिंग भर्ती को वर्षवार प्रणाली के माध्यम से कराने की मंजूरी दी गई थी। मंच के अनुसार, इस व्यवस्था के चलते बड़ी संख्या में योग्य एवं अनुभवी अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर मिला था।
पदाधिकारियों ने वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में भी वर्षवार वरिष्ठता प्रणाली को लागू करने की मांग पूर्व मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से वार्ता का आश्वासन
नर्सिंग एकता मंच की मांगों को गंभीरता से सुनने के बाद तीरथ सिंह रावत ने संगठन के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि वे नर्सिंग अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से वार्ता करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर इस विषय को मुख्यमंत्री के समक्ष भी प्रमुखता से रखने का भरोसा उन्होंने दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्सिंग अभ्यर्थियों की मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और वे सरकार के समक्ष इस विषय को पूरी गंभीरता एवं प्राथमिकता के साथ रखने का प्रयास करेंगे।
नर्सिंग एकता मंच ने तीरथ सिंह रावत के सकारात्मक रुख के लिए उनका आभार जताया। मंच ने उम्मीद जताई कि उनके हस्तक्षेप से प्रदेश के हजारों योग्य एवं अनुभवी नर्सिंग अभ्यर्थियों के हित में सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।
