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नीट यूजी फर्जीवाड़ा मामला: MBBS दाखिले के लिए फर्जी स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र, दो गिरफ्तार

देहरादून। नीट यूजी 2025 में कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के मामले में देहरादून पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, रायपुर और क्लेमेंटाउन थाने में फर्जी दस्तावेजों से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने के मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए थे।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने एसपी ग्रामीण-1 जया बलोनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की। जांच के दौरान एसआईटी ने संबंधित दस्तावेज और शिक्षण संस्थानों से जुड़े रिकॉर्ड कब्जे में लेकर उनका परीक्षण किया। पुलिस के अनुसार, कई अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में दर्ज पते गलत पाए गए।

 

जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने रूपेश पंडित और अरविंद कुमार को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया।

 

पुलिस के मुताबिक, रूपेश पंडित पिछले करीब पांच वर्षों से एजुकेशन कंसल्टेंसी का काम कर रहा था और मेरठ में MECODO पाठशाला नाम से कंपनी संचालित करता था। आरोप है कि उसके जरिए निजी विश्वविद्यालयों और विदेशों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले दिलाए जाते थे।

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पूछताछ में पुलिस के अनुसार, तीन अभ्यर्थियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे से एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के लिए प्रत्येक से 45 लाख रुपये लेने की बात सामने आई। आरोप है कि एडवांस के तौर पर 20-20 लाख रुपये लिए गए और इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र तैयार कराए गए।

पुलिस का कहना है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर तीन अभ्यर्थियों ने अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में प्रवेश लिया। एसआईटी अब मामले से जुड़े अन्य लोगों और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।

 

गिरफ्तार आरोपी:

रूपेश पंडित, निवासी पूर्णिया, बिहार, हाल निवासी मेरठ

अरविंद कुमार, निवासी लक्सर, हरिद्वार