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विश्व दृष्टि दिवस: डायबिटीज, किडनी और हृदय रोग के मरीज आंखों की जांच को न करें नजरअंदाज, रोशनी छिनने का बढ़ सकता है खतरा

मैक्स हॉस्पिटल देहरादून ने नियमित नेत्र जांच और मल्टी-स्पेशियलिटी इलाज पर दिया जोर | विशेषज्ञों ने कहा—समय पर पहचान और बेहतर तालमेल से आंखों की गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में मिल सकती है मदद

देहरादून, 8 अक्टूबर 2026। मधुमेह, किडनी और हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए आंखों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। लंबे समय तक चलने वाली ये बीमारियां आंखों की रोशनी को प्रभावित कर सकती हैं और कई मामलों में शुरुआत में स्पष्ट लक्षण भी दिखाई नहीं देते। विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने ऐसे मरीजों के लिए नियमित नेत्र जांच, समय पर इलाज और विभिन्न विशेषज्ञों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया।

अस्पताल के विशेषज्ञों के मुताबिक, मधुमेह से होने वाली आंखों की बीमारी, मोतियाबिंद, काला मोतिया और रेटिना से जुड़ी समस्याएं समय के साथ दृष्टि को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में केवल आंखों की जांच ही नहीं, बल्कि मरीज की समग्र स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर इलाज की योजना बनाना भी महत्वपूर्ण है।

 

लक्षणों का इंतजार न करें, समय पर जांच जरूरी

मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून के कंसल्टेंट नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. बी. एम. विनोद कुमार ने कहा कि मधुमेह, किडनी की बीमारी और हृदय संबंधी समस्याएं आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचाने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती हैं। कई बार शुरुआती चरण में मरीज को किसी समस्या का एहसास नहीं होता, जिससे बीमारी की पहचान में देरी हो सकती है।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में मोतियाबिंद की सर्जरी, आंख के अंदर की सर्जिकल प्रक्रियाएं, रेटिना की लेजर चिकित्सा, काला मोतिया का इलाज और कॉर्निया से संबंधित प्रक्रियाओं सहित विभिन्न नेत्र रोगों के उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित जांच से आंखों में होने वाले बदलावों की समय रहते पहचान करने और जरूरत के अनुसार उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है।

आंखों के इलाज के साथ दूसरी बीमारियों पर नियंत्रण भी अहम

अस्पताल की कंसल्टेंट नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनल बंगवाल ने कहा कि एक से अधिक बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए इलाज के दौरान उनकी पूरी स्वास्थ्य स्थिति का ध्यान रखना जरूरी है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मधुमेह से पीड़ित मरीज को रेटिना की समस्या का उपचार कराने के साथ रक्त शर्करा का स्तर भी नियंत्रित रखना पड़ सकता है। वहीं, किडनी या हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को आंखों की सर्जरी या किसी अन्य प्रक्रिया से पहले संबंधित विशेषज्ञों की सलाह और चिकित्सकीय मूल्यांकन की जरूरत हो सकती है।

डॉ. बंगवाल के मुताबिक, नेत्र रोग विशेषज्ञों और अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय से मरीज की जरूरतों के अनुरूप उपचार की योजना बनाने और इलाज को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलती है।

 

मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून ने लंबे समय से बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए  आंखों की पूरी देखभाल की जरूरत पर दिया जोर - Dainik Aamogh

जटिल मरीजों के लिए एकीकृत चिकित्सा व्यवस्था पर जोर

अस्पताल के अनुसार, हार्मोन संबंधी रोग, किडनी, हृदय और बच्चों के रोग विशेषज्ञों के साथ एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की उपलब्धता जटिल मामलों में उपचार को बेहतर ढंग से समन्वित करने में मदद कर सकती है। इससे मरीज की अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं का आकलन एक साथ करने और इलाज के दौरान संभावित जोखिमों पर ध्यान देने में सुविधा मिलती है।

मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने कहा कि उसका उद्देश्य आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाओं और बहु-विशेषज्ञ चिकित्सा सहयोग के जरिए आंखों की बीमारियों की समय पर पहचान, उचित उपचार और मरीजों की दृष्टि को सुरक्षित रखने में मदद करना है।

विशेषज्ञों की सलाह: यदि आपको मधुमेह, किडनी या हृदय संबंधी बीमारी है, तो आंखों में परेशानी होने का इंतजार न करें। अपने चिकित्सक की सलाह के अनुसार नियमित नेत्र जांच कराएं और दृष्टि में किसी भी बदलाव को नजरअंदाज न करें।