DEHRADUNNationalNSUIUttrakhand

यू. टी. यू. सॉफ्टवेयर घोटाले को रफा दफा करने को छात्र-संघ अध्यक्ष को रिश्वत की पेशकश : सिद्धार्थ अग्रवाल

यू. टी. यू. सॉफ्टवेयर घोटाले को रफा दफा करने को छात्र-संघ अध्यक्ष को रिश्वत की पेशकश ! पार हुई सभी मर्यादाएं , बहुत जल्द होगी पूर्ण तालाबंदी : सिद्धार्थ अग्रवाल
देहरादून ! 02.05.2025, वीर माधो सिंह भडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्विद्यालय में चल रहे फ़र्ज़ी डिग्री जाँच प्रकरण, भ्रस्टाचार, वित्तीय अनिमिताओ, परीक्षा परिणाम घोषणा में देरी आदि शिकायतो पर शासन ने सख्ती दिखाते हुए उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ओमकार यादव, परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी. के. पटेल एवं वित्त नियंत्रक विक्रम सिंह जंतवाल से विस्तृत स्पष्टीकरण माँगा था ! परन्तु कुलपति डॉ. ओमकार यादव लगातार तकनीकी शिक्षा मंत्री से मिली भगत करके किसी भी जाँच फाइल को आगे नहीं बढ़ने दे रहे है ! मुख्य मंत्री की अध्यक्षता में हुई तकनीकी शिक्षा विभाग की पिछली समीक्षा बैठक में भी उत्तराखंड तकनीकी विश्विद्यालय के सॉफ्टवेयर घोटाले पर चर्चा नहीं होने दी गयी ! 
शासन की जाँच समिति द्वारा कुलपति डॉ. ओंकार यादव द्वारा अपने निकट सम्बन्धी की इ.आर.पी. कंपनी को करोडो रु दिलवाने में सांठ गांठ एवं मिली भगत की पुष्टि, डॉ. ओंकार यादव द्वारा विवादित इ.आर.पी. कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने के शासन के आदेश को पूरी तरह से नकारने, तकनीकी शिक्षा सचिव को घूस देने की पेशकश, आगामी सत्र में भी विवादित इ.आर.पी. कंपनी को जारी रखने के निर्णय, परीक्षा होने के 3 माह के बाद भी अभी तक काफी रिजल्ट सही से घोषित नहीं होने एवं वित्तीय अनियमितताओं आदि पर इतने धरने प्रदर्शन होने एवं शासन की जाँच में दोषी पाए जाने के बाद भी अभी तक भी कुलपति डॉ. ओमकार यादव, परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी. के. पटेल एवं वित्त नियंत्रक विक्रम सिंह जंतवाल पर कोई कार्यवाही नहीं होने पर छात्रों ने कुलपति डॉ. ओमकार यादव की तकनीकी शिक्षा मंत्री से मिली भगत होने का संदेह जताया है ! आखिर क्यों मंत्री जी कुलपति डॉ. ओमकार यादव के खिलाफ चल रही सभी जाँच फाइलों पर वार्ता लिख कर ठन्डे बस्ते में डाल देते है !
यहाँ तक की सभी मर्यादाओ को पार करते हुए लखनऊ के काफिला अहमद ने कुलपति डॉ. ओमकार यादव, परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी. के. पटेल एवं वित्त नियंत्रक विक्रम सिंह जंतवाल के विरुद्ध लंबित जाँच प्रकरणो एवं सॉफ्टवेयर घोटाले के खिलाफ तीन माह से चल रहे छात्र आंदोलन को रफा दफा करने हेतु छात्र संघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल को 10 लाख घूस देने की पेशकश की ! जिस पर छात्र संघ बिफर पड़ा एवं उपरोक्त व्यक्ति की पुलिस में शिकायत करने का निश्चय किया ! इस पर काफिला अहमद ने बताया की वह विवादित कंपनी के उच्च अधिकारियो के आदेश पर ही सिद्धार्थ को सेट करने आया था ! छात्रों एवं काफिला के बीच हाथा पाई की नौबत आने पर काफिला धमकी देते हुए कहकर भाग गया कि हमारे सॉफ्टवेयर को अगले तीन साल तक भी कोई नहीं हटा पायेगा ! नीचे से लेकर ऊपर तक सभी उच्च अधिकारियो को खरीद लेंगे !
छात्र संघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि अब कुलपति डॉ. ओमकार यादव, परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी. के. पटेल एवं वित्त नियंत्रक विक्रम सिंह जंतवाल एवं विवादित कंपनी ने सभी मर्यादाये पार करदी है एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री सुबोध उनियाल जी भी कुलपति डॉ. ओमकार यादव के खिलाफ चल रही सभी जाँच फाइलों पर वार्ता लिख कर ठन्डे बस्ते में डाल रहे है !
छात्रों के खिलाफ ऐसा अन्याय सहन नहीं किया जायेगा एवं छात्र हितो से कोई भी खिलवाड़ नहीं होने दिया जायेगा ! यदि जल्द से जल्द सॉफ्टवेयर घोटाले पर कोई कार्यवाही नहीं होती और शासन की समिति की रिपोर्ट के आधार पर कुलपति डॉ. ओमकार सिंह एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. वी. के पटेल को तत्काल बर्ख़ास्त नहीं किया जाता है तो छात्र संघ अपनी मांगो को लेकर बहुत जल्द कुलपति का घेराव एवं पूर्ण तालाबंदी करके न्याय मांगने को मजबूर हो जायेगा ! जिसकी समस्त जिम्मेदारी सरकार की होगी !

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *