नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है. कांग्रेस ने बीजेपी पर अपहरण का आरोप लगाया है.
हल्द्वानी: नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में हुए बवाल ने तूल पकड़ लिया है. कांग्रेस ने चुनाव के दौरान गेट के बाहर से कांग्रेस समर्थित पांच जिला पंचायत प्रत्याशियों के अपहरण और नेता प्रतिपक्ष व विधायकों के साथ हुई अभद्रता के मामले में सरकार को घेरा है. नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेसी कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. धरने को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है.
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कांग्रेसी नेता पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ लगातार नारेबाजी कर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगा रही है. मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी देखी जा रही है. कांग्रेसी नेता एसएसपी नैनीताल को हटाने की मांग कर रहे हैं. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि पंचायत चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ पुलिस और जिला प्रशासन ने लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश की है.
जिस तरह से नैनीताल में अराजकता का माहौल पैदा किया गया, कांग्रेस के नेताओं के साथ मारपीट की गई. यहां तक की मतदान करने पहुंचे कांग्रेस समर्थित पांच जिला पंचायत सदस्यों को हथियारों के बल पर जिला पंचायत कार्यालय के बाहर से उनका अपहरण कर लिया गया और अभी तक उनका पता नहीं चल पाया है. न्यायालय ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है, लेकिन पुलिस प्रशासन अपहरण किए गए पंचायत सदस्यों को अभी तक नहीं ढूंढ पाई है. यहां तक की पुलिस के सामने पंचायत सदस्यों का अपहरण हो गया, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही.
उल्टा पुलिस कर्मियों ने ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ अभद्रता की. यशपाल आर्य ने कहा कि जब तक अपहरण किए गए पांचों पंचायत सदस्यों को पुलिस ढूंढ कर नहीं लाती है, तब तक कांग्रेस का धरना जारी रहेगा. नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित जिन पांच जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण किया गया है, उनके साथ मारपीट की जा रही है, जिससे उनके परिवार वाले भी परेशान हैं. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार व पुलिस प्रशासन को जल्द जिला पंचायत सदस्यों ढूंढकर लाना चाहिए. इस दौरान हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, कांग्रेस जिला अध्यक्ष राहुल छिमवाल समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद रहे.

