पीएम मोदी ने आरएसएस की 100 साल की यात्रा को बहुत गौरवपूर्ण और शानदार यात्रा बताया.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल पूरे होने पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने लाल किले की प्राचीर से आरएसएस की तारीफ की. उन्होंने कहा कि मैं गर्व के साथ कहना चाहता हूं कि आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ था, उसका नाम है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ. पीएम ने इसे ‘दुनिया के सबसे बड़े एनजीओ’ बताया और इसकी 100 साल की यात्रा को ‘बहुत गौरवपूर्ण और शानदार यात्रा कहा. उन्होंने राष्ट्र के प्रति समर्पित सेवा के लिए इसके सभी स्वयंसेवकों को नमन भी किया.
79वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल सरकार या सत्ता में बैठे लोगों द्वारा नहीं किया जाता है. उन्होंने कहा कि इसका निर्माण संतों, द्रष्टाओं, वैज्ञानिकों, शिक्षकों, किसानों, सैनिकों, मजदूरों, व्यक्तियों और संगठनों सहित करोड़ों लोगों के प्रयासों से हुआ है. बता दें, पीएम मोदी, जो पहले आरएसएस के प्रचारक रह चुके हैं, ने कहा कि आज मैं बड़े गर्व के साथ एक बात कहना चाहता हूं कि 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ था – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ. इसकी 100 साल की राष्ट्र सेवा बहुत ही गौरवशाली और गौरवशाली रही है.
उन्होंने कहा कि पिछले 100 वर्षों से आरएसएस के स्वयंसेवक मातृभूमि के कल्याण के लिए व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को पूरा करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज लाल किले की प्राचीर से मैं उन सभी स्वयंसेवकों को आदरपूर्वक याद करता हूं जिन्होंने इन 100 वर्षों की राष्ट्रीय सेवा में योगदान दिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेवा, समर्पण, संगठन और अद्वितीय अनुशासन, विश्व के सबसे बड़े गैर-सरकारी संगठन आरएसएस की पहचान है.
उन्होंने कहा कि देश को आरएसएस की 100 साल की समर्पित और गौरवशाली यात्रा पर गर्व है. उन्होंने कहा यह हमें प्रेरित करती रहेगी. जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को विजयादशमी के दिन हुई थी. इसकी स्थापना डॉ. केशव बलिराम हेडगवार ने नागपुर में की थी. इसकी स्थापना के पीछे का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना था. बता दें, हेडगवार ने इसे एक संगठन के रूप में स्थापित किया था.

