बद्री केदार रामलीला समिति झाझरा ने किया सूर्यकांत धस्माना को सम्मानित
झाझरा में राम भरत मिलाप पर बोले प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना
“जब धर्म ध्वजा नारी के हाथ में होती है, तो धरती पर राम कथा उतरती है”
देहरादून, झाझरा। बद्रीकेदार रामलीला समिति झाझरा द्वारा आयोजित भव्य राम भरत मिलाप कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने धर्म, मर्यादा और सत्य के संदेश पर आधारित प्रेरक विचार व्यक्त किए।
श्री धस्माना ने कहा कि त्रेता युग में जब भगवान भोलेनाथ माता सती को कुम्भज ऋषि के आश्रम में राम कथा सुनने ले गए, तब सती जी ने भगवान राम की प्रभुता पर शंका कर परीक्षा लेनी चाही। भगवान राम द्वारा पहचान लिए जाने पर सती जी क्षुब्ध होकर दक्ष यज्ञ में स्वाहा हो गईं। पुनर्जन्म के बाद माता पार्वती ने जब भगवान शंकर से राम कथा सुनी, तब इस धरती को “राम कथा” जैसी दिव्य कथा का वरदान मिला।
उन्होंने कहा —
“भगवान राम को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ इसलिए कहा गया क्योंकि उन्होंने मानव रूप में रहकर जीवन की सभी मर्यादाओं का पालन किया। राम कथा मनुष्य को जीवन जीने का तरीका सिखाती है। सत्य अटल है, और असत्य कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, वह अंततः सत्य से पराजित होता है।”
कार्यक्रम में समिति के संरक्षक सैन सिंह, अध्यक्ष शिशुपाल सिंह रावत, उपाध्यक्ष सचिन बड़वाल, सचिव दिलीप पंवार और संचालक सुशील गोदियाल ने श्री धस्माना को शाल ओढ़ाकर और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
महिला मंडल की ओर से पुष्पगुच्छ और तिलक के साथ उनका स्वागत किया गया।
श्री धस्माना ने दीप प्रज्वलित कर व रिबन काटकर रामलीला का शुभारंभ किया और समिति के पदाधिकारियों के विश्वास व स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया।


