न्यार घाटी महोत्सव में गूंजी अंकिता भंडारी को न्याय की मांग
न्यार घाटी महोत्सव में गूंजी अंकिता भंडारी को न्याय की मांग
सतपुली में बोले सूर्यकांत धस्माना – सरकार की उपेक्षा से खाली हो रहे पहाड़
सतपुली (पौड़ी/देहरादून): चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के सतपुली में आयोजित दसवें न्यार घाटी महोत्सव में उस समय माहौल भावनात्मक हो गया, जब मंच से अंकिता भंडारी को न्याय की मांग गूंज उठी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का सतपुली पहुंचने पर स्थानीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया।

महोत्सव के दौरान वयोवृद्ध सामाजिक कार्यकर्ता उमेद सिंह के आग्रह पर सूर्यकांत धस्माना ने अपने संबोधन की शुरुआत अंकिता भंडारी प्रकरण से की। उन्होंने घोषणा की कि आज का आयोजन अंकिता भंडारी को समर्पित है और कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।
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धस्माना ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में शुरू से ही सरकार और भाजपा वीआईपी की पहचान छिपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जब कई तथ्य सामने आ चुके हैं, तब भी प्रदेश और केंद्र सरकार इस मामले की सीबीआई जांच कराने से इंकार कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पूरे प्रदेश में जनता सड़कों पर उतरकर सीबीआई जांच की मांग कर रही है और कांग्रेस ने संकल्प लिया है कि इस प्रकरण में शामिल हर दोषी को सजा दिलाई जाएगी।
राज्य गठन के 25 वर्षों का उल्लेख करते हुए सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि जिस उत्तराखंड का सपना देखा गया था, वह आज साकार नहीं हो पाया है। स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अभाव में पहाड़ लगातार खाली हो रहे हैं। उन्होंने इसके लिए जनप्रतिनिधियों और बार-बार अयोग्य लोगों को चुनकर भेजने वाली राजनीतिक सोच को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने मातृ शक्ति और युवा शक्ति से आगे आकर नेतृत्व संभालने और राज्य हित में काम करने वाले नेताओं को आगे लाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक एवं सतपुली नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र चौहान ने सूर्यकांत धस्माना का स्वागत करते हुए कहा कि सतपुली नगर पंचायत की स्थापना में उनकी अहम भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में न्यार घाटी महोत्सव के मंच से ही तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से फोन पर नगर पंचायत गठन की घोषणा कराई गई थी।
महोत्सव में दो दर्जन से अधिक महिला मंगल दलों की महिलाओं ने कीर्तन, लोकगीत और चौंफला की प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया।
कार्यक्रम में जगदम्बा डंगवाल, भगवान सिंह नेगी, प्रताप सिंह राणा, राजेंद्र प्रसाद नैथानी, देव किशोर नेगी, त्रिलोक सिंह नेगी, विकास रावत, स्वरूप धस्माना, आनंद सिंह पुंडीर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
