मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट के आसपास 40–50 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का सख्त प्रहार
2026 में भी उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में ध्वस्तीकरण अभियान जारी
मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट के आसपास 40–50 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर
देहरादून।
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का सिलसिला वर्ष 2026 में भी पूरी गंभीरता के साथ जारी है। वर्ष 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर की गई ध्वस्तीकरण कार्रवाइयों के बाद, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में एमडीडीए का यह अभियान और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्राधिकरण का उद्देश्य नियोजित विकास सुनिश्चित करना, भूमि माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना तथा आम नागरिकों को अवैध प्लॉटिंग के नाम पर ठगे जाने से बचाना है।

इसी क्रम में देहरादून के पुरूकुल क्षेत्र, मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट के आसपास हरीश यादव द्वारा लगभग 40 से 50 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए ने बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई की। संबंधित भूमि पर बिना किसी स्वीकृति के सड़कें, भूखंडों का चिन्हांकन एवं अन्य अवैध संरचनाएं विकसित की जा रही थीं, जो मास्टर प्लान और प्राधिकरण नियमों का खुला उल्लंघन थीं।
यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई। ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता उमेश वर्मा, सुपरवाइजर, प्रवर्तन अमला तथा पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। पूरी कार्रवाई को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से अंजाम दिया गया।
एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत कॉलोनियों एवं बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। प्राधिकरण ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूमि सौदे से पहले संबंधित क्षेत्र की वैधता एवं एमडीडीए से स्वीकृति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
“मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्ष 2025 में रिकॉर्ड ध्वस्तीकरण कार्रवाई कर हमने स्पष्ट संदेश दिया था। वर्ष 2026 में भी यह अभियान पूरी मजबूती के साथ जारी है। कुछ लोग भोले-भाले नागरिकों को गुमराह कर अवैध प्लॉट बेचने का प्रयास कर रहे हैं, जो कानून के साथ-साथ लोगों की जीवनभर की कमाई के लिए भी खतरा है। एमडीडीए का उद्देश्य नियोजित, सुरक्षित और पर्यावरण-संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। भूमि माफियाओं को साफ चेतावनी है कि अवैध गतिविधियां तुरंत बंद करें, अन्यथा कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
“प्राधिकरण द्वारा की जा रही सभी ध्वस्तीकरण कार्रवाइयां नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही हैं। अवैध प्लॉटिंग मास्टर प्लान के विरुद्ध है और भविष्य में बुनियादी सुविधाओं एवं पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव डालती है। एमडीडीए का प्रयास है कि देहरादून और मसूरी क्षेत्र का विकास सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से हो। आम नागरिक किसी भी भूमि खरीद से पहले एमडीडीए से जानकारी अवश्य लें। आगे भी सतत निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।”
