उत्तराखंड में 27 जनवरी को मनाया जाएगा यूसीसी दिवस, देहरादून में राज्य स्तरीय कार्यक्रम
उत्तराखंड में 27 जनवरी को मनाया जाएगा यूसीसी दिवस, देहरादून में राज्य स्तरीय कार्यक्रम
देहरादून, 20 जनवरी 2026।
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आगामी 27 जनवरी 2026 को पूरे राज्य में ‘समान नागरिक संहिता दिवस’ मनाया जाएगा। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम), नीबूंवाला, देहरादून में एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगे।

यूसीसी दिवस की तैयारियों को लेकर मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने वर्चुअल माध्यम से विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध, सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण ढंग से पूरी की जाएं।
कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तर पर सेवा, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही कार्यक्रम को रोचक और सहभागितापूर्ण बनाने के लिए ऑन-द-स्पॉट क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने संयुक्त निदेशक, उच्च शिक्षा को निर्देशित किया कि विभिन्न विश्वविद्यालयों में विधि की पढ़ाई कर रहे छात्रों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। वहीं शिक्षा विभाग को विद्यालयों में यूसीसी विषय पर निबंध, वाद-विवाद एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित कराने तथा विजेता विद्यार्थियों को कार्यक्रम स्थल तक लाने-ले जाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में बार काउंसिल एवं स्थानीय बार एसोसिएशन के प्रमुख पदाधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग को मंच, हॉल, साउंड सिस्टम, एलईडी स्क्रीन एवं टेंट की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है, जबकि पुलिस विभाग को सुरक्षा, यातायात और पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आमंत्रित अतिथियों को समय पर निमंत्रण पत्र वितरित करने, पेयजल, सूक्ष्म जलपान, विद्युत, परिवहन एवं स्वास्थ्य सेवाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए संबंधित नोडल अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
यूसीसी दिवस का यह राज्य स्तरीय आयोजन समानता, न्याय और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
