राजस्व मामलों में ढिलाई नहीं चलेगी, डीएम सविन बंसल ने तय की अधिकारियों की जवाबदेही
देहरादून | 22 जनवरी 2026 (सू.वि.)
जिलाधिकारी सविन बंसल ने अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों, मुख्य एवं विविध देयों की वसूली तथा राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों को लेकर गुरुवार को राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर एक वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी राजस्व वादों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने धारा 34, 143, 33/39 एवं 41 के अंतर्गत लंबित वादों की समीक्षा करते हुए विशेष रूप से धारा-34 के अविवादित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि भूमि के गैर-कृषि उपयोग (आवासीय, औद्योगिक एवं व्यावसायिक) से संबंधित कोई भी प्रकरण लंबित न रहे।


डीएम ने भूमि बंदोबस्त के अंतर्गत खसरा-खतौनी में त्रुटि सुधार, भूमि सीमांकन एवं अंश निर्धारण से जुड़े मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए। सीमांकन प्रकरणों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने को कहा गया। फील्ड अधिकारियों को सटीक एवं तथ्यपरक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि इससे अनावश्यक विवादों में कमी आएगी।
अंश निर्धारण, लिंकेज एवं पड़ताल के मामलों में सदर, विकासनगर और डोईवाला तहसीलों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व उप निरीक्षकों को लक्ष्य निर्धारित कर कार्य सौंपे जाएं तथा तहसील स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए। अपर जिलाधिकारी स्तर पर प्रत्येक 10 दिवस में प्रगति की समीक्षा अनिवार्य की गई है। लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
विविध देयों की वसूली की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में अब तक निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 82.84 प्रतिशत वसूली की जा चुकी है। चकराता, त्यूनी और कालसी तहसीलों में वसूली कम पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए बड़े बकायेदारों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जीएसटी विभाग से समन्वय स्थापित कर बड़े बकायेदारों के खाता विवरण प्राप्त करने तथा कंपनियों और फर्मों की संपत्तियों का विवरण लेकर वसूली प्रक्रिया तेज करने को कहा।
बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे, संग्रह अमीनों की कार्यप्रणाली, रिकॉर्ड रूम की स्थिति, आरसीएमएस, ई-ऑफिस, ऑडिट आपत्तियों एवं विभागीय सॉफ्टवेयर के अद्यतनीकरण की भी समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, हरिगिरी, योगेश मेहरा, विनोद कुमार सहित वर्चुअल माध्यम से अन्य तहसीलों के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।
