डीएम का औचक निरीक्षण: सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश में गंभीर अनियमितताएं उजागर, कड़ा एक्शन तय
देहरादून | 28 जनवरी
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को सब रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में व्यापक अव्यवस्थाएं और नियमों का गंभीर उल्लंघन सामने आया, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण में पाया गया कि सब रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में अवैधानिक रूप से निबंधन लिपिक द्वारा विलेखों का निबंधन किया जा रहा था। जिलाधिकारी ने संपत्ति मूल्य आंकलन (47-ए) को लेकर निबंधक लिपिक से सवाल किए। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर डीएम ने स्पष्ट किया कि इस मामले में आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।




औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय दरों पर भूखंडों के छोटे-छोटे टुकड़े कर की गई कई रजिस्ट्रियां भी सामने आईं, जिससे करोड़ों रुपये की स्टाम्प चोरी की संभावना जताई जा रही है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कई महीनों से मूल अभिलेख आवेदकों को वापस नहीं किए गए, जबकि नियमानुसार तीन दिन के भीतर मूल विलेख लौटाना अनिवार्य है। सैकड़ों मूल विलेख अलमारियों में पड़े मिले। रजिस्ट्री की नकल और मूल अभिलेख लौटाने में अनावश्यक देरी से हजारों आमजन परेशान हैं। अर्जेंट नकल, जो 24 घंटे में दी जानी चाहिए, वह भी महीनों/वर्षों से लंबित पाई गई।
कार्यालय में घोस्ट कार्मिक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सभी कार्मिकों का विवरण तत्काल तलब किया। निरीक्षण के दौरान कंप्यूटर, लंबित मूल अभिलेख एवं कूटरचित विलेख जब्त कर तहसील प्रशासन के सुपुर्द किए गए।
उपस्थित फरियादियों ने अपनी आपबीती जिलाधिकारी को सुनाई, जिस पर उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को आवश्यक निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी योगेश मेहर, तहसीलदार चमन सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
