STF/साइबर क्राइम उत्तराखंड ने “डिजिटल अरेस्ट” कर ठगी करने वाले राष्ट्रीय गिरोह का किया पर्दाफाश
देहरादून।
एसटीएफ/साइबर क्राइम उत्तराखंड ने स्वयं को पुलिस/सीबीआई अधिकारी बताकर “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले राष्ट्रीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक अभियुक्त को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड श्री दीपम सेठ (भा.पु.से.) के दिशा-निर्देशन तथा पुलिस महानिरीक्षक साइबर/एसटीएफ उत्तराखंड श्री निलेश आनंद भरणे (भा.पु.से.) के निकट पर्यवेक्षण में की गई।
68 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखंड श्री नवनीत सिंह (भा.पु.से.) ने बताया कि 85 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक से अज्ञात साइबर ठगों ने WhatsApp कॉल के माध्यम से संपर्क कर स्वयं को सीबीआई अधिकारी (कथित पुलिस ऑफिसर इंचार्ज संदीप राव एवं इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर के. शिवा सुब्रमणि) बताया।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता के आधार कार्ड के दुरुपयोग का हवाला देते हुए मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी और “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाकर करीब 68 लाख रुपये की ठगी की।
इस संबंध में साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून में मु.अ.सं. 66/2025, धारा 318(4), 61(2) BNS एवं 66(D) IT Act के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच में सामने आया खाताधारक
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के निर्देशन एवं सहायक पुलिस अधीक्षक श्री कुश मिश्रा (IPS) के निकट पर्यवेक्षण में विवेचना निरीक्षक अनिल कुमार, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन गढ़वाल परिक्षेत्र, देहरादून को सौंपी गई।
जांच के दौरान ठगी की धनराशि जिन खातों में ट्रांसफर की गई थी, उनके तकनीकी विश्लेषण में AU Small Finance Bank का खाता प्रकाश में आया। यह खाता राजस्थान के बाड़मेर जिले के चौहटन क्षेत्र निवासी व्यक्ति के नाम पाया गया।
राजस्थान से अभियुक्त गिरफ्तार
एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस एवं मुखबिर तंत्र के सहयोग से चौहटन, जिला बाड़मेर (राजस्थान) से लाभार्थी खाताधारक को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण
नाम: भभूताराम
पिता: किशनाराम
निवासी: चौहटन आगोर, थाना चौहटन, जिला बाड़मेर, राजस्थान
उम्र: 32 वर्ष
बरामदगी
मोबाइल फोन मय सिम कार्ड
पुलिस टीम
निरीक्षक अनिल कुमार
अपर उप निरीक्षक सुरेश कुमार
अपर उप निरीक्षक पवन कुमार
जनता से पुलिस की अपील
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखंड ने जनता से अपील की है कि—
अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से बात न करें।
किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत दस्तावेज या बैंक जानकारी न दें।
यदि कोई खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी आदि बताकर डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी दे, तो घबराएं नहीं—कोई भी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तारी नहीं करती।
फर्जी निवेश योजनाओं, यूट्यूब लाइक, टेलीग्राम आधारित निवेश, धन दोगुना करने के लालच में न आएं।
गूगल से कस्टमर केयर नंबर सर्च कर कॉल न करें।
किसी भी प्रकार के वित्तीय साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
