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उत्तराखण्ड एसटीएफ और देहरादून पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता

उत्तराखण्ड एसटीएफ और देहरादून पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता
कुख्यात सुनील राठी गैंग के दो सक्रिय सदस्य गिरफ्तार, अवैध हथियार बरामद

देहरादून, 27 फरवरी 2026।
उत्तराखण्ड में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्तराखण्ड एसटीएफ और देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने कुख्यात सुनील राठी गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 02 अवैध .32 बोर पिस्टल और 07 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

राजपुर क्षेत्र से गिरफ्तारी

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 26 फरवरी 2026 को राजपुर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोका गया। तलाशी के दौरान वाहन सवार दो व्यक्तियों—

भानू चौधरी पुत्र आलोक कुमार, निवासी मील्स न्यू कॉलोनी, थाना सदर, सहारनपुर (उ.प्र.)

पारस पुत्र जगपाल सिंह, निवासी प्रेमपुरी, थाना कोतवाली, मुजफ्फरनगर (उ.प्र.)

को अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार किया गया। दोनों के विरुद्ध थाना राजपुर में मु0अ0सं0- 40/2026, धारा 111(3) बीएनएस एवं 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

पूर्व में रहा कुख्यात गैंग का शूटर

पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त पारस पूर्व में मुख्तार अंसारी तथा संजीव जीवा गैंग का प्रमुख शूटर रह चुका है। इन दोनों की मृत्यु के बाद वह सुनील राठी गैंग में शामिल हो गया था।

प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि दोनों अभियुक्त सुनील राठी के इशारे पर देहरादून और हरिद्वार की बेशकीमती एवं विवादित भूमियों में हस्तक्षेप कर उगाही कर रहे थे। मोबाइल फोन की जांच में जेल में निरुद्ध सुनील राठी से लगातार संपर्क के साक्ष्य मिले हैं।

बड़ी वारदात की आशंका

पुलिस के अनुसार, अभियुक्त देहरादून में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। हरिद्वार के एक विवादित प्रॉपर्टी डीलर, जो पूर्व में हत्या के मामले में जेल जा चुका है, का नाम भी जांच में सामने आया है। मामले से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।

आपराधिक इतिहास

अभियुक्त पारस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें वर्ष 2012 से 2020 तक के गंभीर अपराध शामिल हैं।

पुलिस टीम

उत्तराखण्ड STF टीम:
निरीक्षक अबुल कलाम, उ0नि0 विद्यादत्त जोशी, उ0नि0 दीपक मैठाणी, अ0उ0नि0 मनोज बेनीवाल सहित अन्य कार्मिक।

थाना राजपुर टीम:
निरीक्षक प्रदीप सिंह रावत (प्रभारी), उ0नि0 अर्जुन गुसाईं (चौकी प्रभारी IT पार्क), कांस्टेबल रोबिन रमोला।

उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा राज्य में सक्रिय अपराधियों एवं बाहरी राज्यों से जुड़े संदिग्धों के विरुद्ध चलाया जा रहा सत्यापन एवं विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस महानिदेशक के निर्देशों पर राज्यभर में निगरानी और धरपकड़ की कार्रवाई तेज कर दी गई है।