DEHRADUNHealth careUttrakhand

सोने का पिंजरा” आपकी शांति छीन रहा है? सुबह की दिनचर्या से मिल सकता है समाधान – डॉ. अनुभा पुंडीर

“सोने का पिंजरा” आपकी शांति छीन रहा है? सुबह की दिनचर्या से मिल सकता है समाधान – डॉ. अनुभा पुंडीर

देहरादून।
आधुनिक जीवन में आराम की तमाम सुविधाओं के बावजूद मानसिक थकान और तनाव बढ़ते जा रहे हैं। इसी विरोधाभास पर प्रकाश डालते हुए ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर, योगाचार्य और लाइफ कोच डॉ. अनुभा पुंडीर ने बताया कि आधुनिक बेडरूम भले ही 21वीं सदी की सुविधाओं से लैस हों, लेकिन यह आराम कभी-कभी हमारी मानसिक शांति पर भारी पड़ रहा है।


डॉ. पुंडीर के अनुसार आज की पीढ़ी भौतिक रूप से सबसे अधिक आरामदायक जीवन जी रही है, लेकिन मानसिक रूप से सबसे अधिक थकी हुई भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान किसी नई दवा या गैजेट में नहीं, बल्कि प्रकृति और प्राचीन भारतीय परंपराओं की ओर लौटने में छिपा है।

देर रात जागना और बंद कमरे बन रहे समस्या

उन्होंने बताया कि देर रात तक जागना और एयर-कंडीशन्ड बंद कमरों में सोने की आदत एक “मौन संकट” पैदा कर रही है। बंद कमरों में रात भर कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का स्तर बढ़ जाता है, जिससे सुबह उठते समय शरीर और मस्तिष्क सुस्ती महसूस करते हैं।
डॉ. पुंडीर के अनुसार सूर्योदय के साथ जागना और ताजी हवा में समय बिताना शरीर की आंतरिक घड़ी को संतुलित करने में मदद करता है।

शोध में सामने आए सकारात्मक परिणाम

अपने शोध “गायत्री मंत्र जप और निर्देशित श्रवण के माध्यम से ध्यान” में उन्होंने 30 दिनों तक प्रतिभागियों पर अध्ययन किया। इसमें Insomnia Severity Index (ISI) और DASS (डिप्रेशन, एंग्जायटी, स्ट्रेस स्केल) जैसे वैज्ञानिक मापदंडों का उपयोग किया गया।
अध्ययन में प्रतिभागियों ने प्रतिदिन गायत्री मंत्र की तीन मालाओं का जाप किया और उसके बाद 10 मिनट तक निर्देशित श्रवण किया। परिणामों में पाया गया कि मंत्र की लयात्मक ध्वनि तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मदद करती है और शरीर के “आराम और पाचन” वाले प्राकृतिक मोड को सक्रिय करती है।

सक्रिय और निष्क्रिय ध्यान का संयोजन

डॉ. पुंडीर के अनुसार इस प्रक्रिया में दो चरण महत्वपूर्ण हैं—

सक्रिय चरण: तीन मालाओं का मंत्र जाप, जो ध्यान और एकाग्रता बढ़ाता है।

निष्क्रिय चरण: 10 मिनट का निर्देशित श्रवण, जो मन को शांत करता है और तनाव कम करता है।

दोनों चरण मिलकर मानसिक शांति और बेहतर नींद के लिए प्रभावी साबित हो सकते हैं।

स्वस्थ जीवन के लिए तीन सरल सुझाव

डॉ. पुंडीर ने बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए कुछ आसान सुझाव भी दिए—

सुबह उठने के बाद पहला घंटा मोबाइल और टेक्नोलॉजी से दूर रखें।

मंत्र जाप करते समय छाती में होने वाले कंपन पर ध्यान दें।

अभ्यास के दौरान ताजी हवा के लिए खिड़की खुली रखें।

उन्होंने कहा कि मानसिक शांति और ऊर्जा के लिए हमेशा दवाओं पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है। यदि हम प्रकृति और प्राचीन परंपराओं से जुड़ें, तो मानसिक स्पष्टता, गहरी नींद और जीवन शक्ति प्राप्त की जा सकती है।