उत्तराखण्ड STF का बड़ा खुलासा: म्यूल अकाउंट गिरोह का भंडाफोड़, हरिद्वार से 3 गिरफ्तार
उत्तराखण्ड STF का बड़ा खुलासा: म्यूल अकाउंट गिरोह का भंडाफोड़, हरिद्वार से 3 गिरफ्तार
फर्जी फर्म बनाकर खुलवाते थे खाते, साइबर ठगी के पैसों का होता था लेन-देन
देहरादून
उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था, जिनका इस्तेमाल देशभर में साइबर धोखाधड़ी के लिए किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, गिरोह फर्जी फर्म तैयार कर उनके दस्तावेजों के आधार पर बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाता था। बाद में इन खातों को दिल्ली सहित अन्य स्थानों पर साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था, जहां इन खातों के जरिए ठगी की रकम का लेन-देन किया जाता था।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF अजय सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए हरिद्वार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में रवि, राजन चौधरी और विनीत राणा शामिल हैं।
इस मामले में साइबर थाना देहरादून में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन खातों में विभिन्न राज्यों के पीड़ितों से ठगी गई लाखों रुपये की रकम का ट्रांजैक्शन हुआ है।
**बरामदगी में शामिल:**
एक स्विफ्ट कार, कई बैंक पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन, पैन और आधार कार्ड समेत फर्जी फर्मों की मुहरें बरामद की गई हैं।
पुलिस अब आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है और बैंक खातों व डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है।
—
**STF की जनता से अपील:**
• अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल से बचें
• किसी को भी व्यक्तिगत जानकारी या दस्तावेज साझा न करें
• “डिजिटल अरेस्ट” जैसी बातों पर विश्वास न करें
• फर्जी निवेश और दोगुना पैसा करने वाली स्कीमों से दूर रहें
• साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें
