देहरादून में गैस सिलेंडर संकट से फ़ूड बिजनेस प्रभावित, SDC फाउंडेशन के सर्वे में बड़ा खुलासा
देहरादून में गैस सिलेंडर संकट से फ़ूड बिजनेस प्रभावित, SDC फाउंडेशन के सर्वे में बड़ा खुलासा
देहरादून:
देहरादून में जारी गैस सिलेंडर संकट का असर अब छोटे और मध्यम स्तर के फ़ूड बिजनेस ऑपरेटर्स पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। SDC फाउंडेशन द्वारा 25 और 26 मार्च 2026 को राजपुर रोड क्षेत्र में किए गए दो दिवसीय रैपिड सर्वे में यह सामने आया है कि गैस की कमी ने कारोबारियों के संचालन और आय दोनों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
SDC Foundation Rapid Survey _ Impact of Gas Cylinder Crisis on Food Businesses in Dehradun (2)
सर्वे में कुल 10 फ़ूड बिजनेस ऑपरेटर्स—जिनमें कैफे, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें और एक होटल शामिल हैं—को शामिल किया गया। इनमें से अधिकतर छोटे स्तर के प्रतिष्ठान हैं, जिनकी दैनिक ग्राहक संख्या 100 से कम रही है, जिससे वे आपूर्ति बाधित होने पर अधिक संवेदनशील बन जाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में शामिल सभी व्यवसाय गैस सिलेंडर की कमी से प्रभावित हुए हैं। अधिकांश प्रतिष्ठान पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर हैं, जबकि कुछ ने सीमित रूप से इलेक्ट्रिक उपकरणों का सहारा लिया है। यह संकट कहीं एक सप्ताह तो कहीं एक महीने से अधिक समय तक बना रहा।
आर्थिक असर भी स्पष्ट रूप से सामने आया है। लगभग आधे व्यवसायों को 25 से 50 प्रतिशत तक टर्नओवर में गिरावट झेलनी पड़ी, जबकि कुछ को 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ।
स्थिति से निपटने के लिए 10 में से 8 कारोबारियों ने अपना मेनू सीमित कर दिया है, जबकि कुछ ने संचालन समय में कटौती की है। इसके बावजूद, अधिकांश व्यवसायों ने ग्राहकों को बनाए रखने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है। 10 में से 7 कारोबारियों ने बढ़ती लागत के बावजूद पुराने रेट ही बनाए रखे हैं।
संकट के बीच कई व्यवसाय अब वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर रुख कर रहे हैं। इंडक्शन चूल्हों और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों का उपयोग बढ़ रहा है, जबकि कुछ व्यवसाय एलपीजी और इलेक्ट्रिक कुकिंग के मिश्रित मॉडल को अपनाने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, उच्च लागत इसमें बड़ी बाधा बनी हुई है।
SDC फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल ने कहा कि यह संकट केवल आपूर्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि छोटे कारोबारियों के लिए गंभीर आर्थिक चुनौती बन चुका है। उन्होंने सरकार से गैस आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने और वैकल्पिक ऊर्जा के लिए समर्थन देने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सीधे हितधारकों से संवाद स्थापित करना चाहिए और जल्द ही यह रिपोर्ट संबंधित एजेंसियों के साथ साझा की जाएगी।
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो यह संकट शहर की अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर डाल सकता है।
