उत्तराखण्ड STF का “ऑपरेशन प्रहार” तेज, 13 संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी
उत्तराखण्ड STF का “ऑपरेशन प्रहार” तेज, 13 संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी
देहरादून: भारत केसरी
उत्तराखण्ड में अपराध और संदिग्ध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए राज्य स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बड़ा अभियान चलाया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पुलिस महानिदेशक **दीपम सेठ** द्वारा एसटीएफ को राज्य में सक्रिय गैंग, गैंगस्टर और संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ **अजय सिंह** के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत एसटीएफ टीमों ने मिशन मोड में कार्रवाई करते हुए 13 संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित किया है। इन सभी से विस्तृत पूछताछ के बाद उनके डोजियर तैयार किए गए हैं और अब इन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि चिन्हित किए गए कुछ संदिग्ध पहले संगीन अपराधों में लिप्त रह चुके हैं, जबकि कुछ अंतरराज्यीय गैंग से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाकर उत्तराखण्ड में पंजीकरण कराने वाले व्यक्तियों को भी अभियान के तहत चिन्हित किया जा रहा है।
अभियान के दौरान ऐसे व्यक्तियों पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है जो राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक, घुसपैठिये या असामाजिक तत्व हैं। एसटीएफ ने इन सभी संदिग्धों की सूची संबंधित जनपदों और थाना प्रभारियों के साथ साझा कर दी है, ताकि स्थानीय स्तर पर भी इनकी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार “ऑपरेशन प्रहार” के तहत यह अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में भी संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
