पेंशन योजनाओं का महा सत्यापन अभियान: 15 जून तक 100% भौतिक जांच अनिवार्य
पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता की पहल, 15 जून तक होगा 100% भौतिक सत्यापन
देहरादून, 04 अप्रैल 2026:
भारत केसरी
पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत सभी पेंशन लाभार्थियों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है।

जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जनपद में सभी पेंशन प्राप्तकर्ताओं का समयबद्ध सत्यापन किया जाए और अपात्र एवं मृत लाभार्थियों को सूची से हटाया जाए।
समाज कल्याण एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, तीलू रौतेली, बौना पेंशन सहित 0 से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों की पेंशन योजनाओं के अंतर्गत सभी लाभार्थियों का सत्यापन किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे।
प्रशासन ने सत्यापन कार्य के लिए जिम्मेदारी भी तय कर दी है। शहरी क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इनके माध्यम से पटवारी, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सत्यापन कार्य को अंजाम देंगे।
सत्यापन के दौरान यदि कोई लाभार्थी मृत पाया जाता है तो उसकी मृत्यु तिथि दर्ज की जाएगी, जबकि अपात्र पाए जाने पर कारण स्पष्ट रूप से अंकित किया जाएगा। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 15 जून 2026 तक सत्यापन कार्य पूर्ण कर रिपोर्ट संबंधित सहायक समाज कल्याण अधिकारी को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।
आंकड़ों के अनुसार, देहरादून जनपद में वृद्धावस्था पेंशन के 76,128, दिव्यांग पेंशन के 11,596, 0-18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग पेंशन के 1,121, किसान पेंशन के 672 लाभार्थी हैं। वहीं महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत विधवा पेंशन के 32,011 और परित्यक्ता पेंशन के 8,140 लाभार्थी शामिल हैं।
लाभार्थियों की ग्रामवार एवं वार्डवार सूची विभाग की आधिकारिक वेबसाइट ssp.uk.gov.in पर उपलब्ध है। साथ ही आवश्यक जानकारी के लिए 7906905177 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
मुख्य विकास अधिकारी ने इस अभियान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए चेतावनी दी है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सत्यापन अभियान के माध्यम से जहां अपात्र लाभार्थियों को हटाया जाएगा, वहीं पात्र लोगों को समय पर पेंशन का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
