चार बच्चों की जान बचाने वाले मनीष के लिए फरिश्ता बना जिला प्रशासन, दोनों हाथ गंवाने के बाद मिला सहारा
चार बच्चों की जान बचाने वाले मनीष के लिए फरिश्ता बना जिला प्रशासन, दोनों हाथ गंवाने के बाद मिला सहारा
देहरादून: भारत केसरी
अपनी जान की परवाह किए बिना चार बच्चों की जिंदगी बचाने वाले मनीष शर्मा के लिए अब जिला प्रशासन मददगार बनकर सामने आया है। हाईटेंशन लाइन हादसे में दोनों हाथ गंवा चुके दिव्यांग मनीष को जिला प्रशासन ने रायफल क्लब फंड से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है।

ब्रह्मपुरी निवासी मनीष शर्मा ने एक वर्ष पहले साहस दिखाते हुए हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ रहे चार बच्चों की जान बचाई थी। लेकिन इस दौरान वह खुद गंभीर रूप से झुलस गए। हालत इतनी गंभीर थी कि इलाज के दौरान डॉक्टरों को उनके दोनों हाथ काटने पड़े। हादसे के बाद से मनीष और उनका परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था।
पत्नी और दो छोटे बच्चों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे मनीष ने अपनी पीड़ा सुनाई और मदद की गुहार लगाई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल सहायता के निर्देश दिए।

जिला प्रशासन की ओर से मनीष को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई ताकि वह स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें। साथ ही प्रशासन ने उनके बेटे की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का भी भरोसा दिया है।
डीएम सविन बंसल ने कहा कि समाज के लिए साहस और मानवता की मिसाल पेश करने वाले लोगों को सम्मान और सहयोग मिलना जरूरी है। प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति खुद को अकेला महसूस न करे।
जिला प्रशासन की इस पहल की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है। वहीं सहायता मिलने के बाद मनीष और उनका परिवार भावुक नजर आया और जिला प्रशासन का आभार जताया।

