Uttrakhand

CBI कार्यालय पर प्रदर्शन, अंकिता मामले में 7 दिन का अल्टीमेटम

*CBI कार्यालय पर प्रदर्शन, अंकिता मामले में 7 दिन का अल्टीमेटम

 

देहरादून। भारत केसरी 

अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने सोमवार को देहरादून स्थित सीबीआई कार्यालय का घेराव कर अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच में हुई प्रगति को सार्वजनिक करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने सीबीआई अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए जांच से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मांगे और 7 दिन का अल्टीमेटम दिया।

 

*जांच की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग*

मंच के प्रतिनिधिमंडल ने सीबीआई अधिकारियों से पूछा कि छह माह की जांच में अब तक क्या प्रगति हुई है, किन लोगों से पूछताछ की गई है और पीड़ित परिवार द्वारा उठाए गए सवालों को जांच में कितना शामिल किया गया है।

*CBI कार्यालय के बाहर नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सीबीआई कार्यालय के बाहर जोरदार नारेबाजी की। शुरुआती दौर में कार्यालय का गेट बंद कर दिया गया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। बाद में चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को अधिकारियों से मिलने की अनुमति दी गई।

*प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन

कमला पंत, निर्मला बिष्ट, सुजाता पाल और मोहित डिमरी के प्रतिनिधिमंडल ने सीबीआई के अधिकारियों से मुलाकात कर जांच में पारदर्शिता की मांग की। अधिकारियों ने ज्ञापन को सीबीआई मुख्यालय दिल्ली भेजने का आश्वासन दिया।

7 दिन में जवाब नहीं तो आंदोलन तेज

संघर्ष मंच ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर जांच की स्थिति और उठाए गए सवालों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो आंदोलन का अगला चरण शुरू किया जाएगा। मंच ने सीबीआई कार्यालय की तालाबंदी तक की चेतावनी दी है।

 

*नेताओं ने क्या कहा?

मंच से जुड़ी कमला पंत, सुजाता पाल, निर्मला बिष्ट और उमा भट्ट ने कहा कि अंकिता प्रकरण केवल एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटियों के न्याय और सुरक्षा का मुद्दा है। जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी हैं।

अंकिता भंडारी मामले को लेकर एक बार फिर जनआंदोलन की आहट सुनाई देने लगी है। अब सभी की नजर सीबीआई के अगले कदम और मंच को मिलने वाले जवाब पर टिकी है।