‘मिशन ड्रग्स फ्री देवभूमि’ को मिलेगा नया बल, 26 जून को राज्यभर में जागरूकता अभियान
देहरादून, भारत केसरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “नशा मुक्त उत्तराखण्ड” विजन को साकार करने के लिए उत्तराखण्ड पुलिस ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। सोमवार को पुलिस महानिरीक्षक एसटीएफ/साइबर/एएनटीएफ की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड पुलिस, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और नशा मुक्ति केंद्रों के संचालकों की महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई।

बैठक में युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने, जन-जागरूकता बढ़ाने और नशे से प्रभावित लोगों के पुनर्वास पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि मेडिकल ट्रीटमेंट, काउंसलिंग और रिहैबिलिटेशन के माध्यम से प्रभावित व्यक्तियों को सामान्य जीवन में वापस लाने के प्रयास और मजबूत किए जाएंगे।
26 जून को अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर पूरे प्रदेश में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत रैलियां, सेमिनार, कार्यशालाएं, नुक्कड़ नाटक, हस्ताक्षर अभियान, ई-प्रतिज्ञा अभियान और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरण किया जाएगा।

उत्तराखण्ड पुलिस ने बताया कि विद्यालयों और महाविद्यालयों में निबंध, चित्रकला प्रतियोगिता, प्रदर्शनी और नाट्य प्रस्तुतियों का आयोजन होगा। वहीं प्रत्येक थाना क्षेत्र में नशा विरोधी ऑडियो संदेशों का प्रसारण कर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और नशा मुक्त उत्तराखण्ड के निर्माण में सहयोग करें। साथ ही नशे से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए राष्ट्रीय डी-एडिक्शन हेल्पलाइन 14446 और मानस हेल्पलाइन 1933 का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

