ऑपरेशन प्रहार: फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क पर STF का बड़ा एक्शन, 11वीं गिरफ्तारी
देहरादून। भारत केसरी
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए 11वें आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक .32 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और 9 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

एसटीएफ के अनुसार, मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” विजन और पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित शस्त्र लाइसेंसों की वैधता की व्यापक जांच की जा रही है। इसी जांच के दौरान काशीपुर क्षेत्र में देर रात छापेमारी कर फईम अहमद को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने शाहजहांपुर के नाम से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाया था।
एसटीएफ ने बताया कि इस मामले में अब तक राज्य के विभिन्न जनपदों में तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। अभियान के दौरान अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी, 15 अवैध हथियार, 350 कारतूस तथा बड़ी संख्या में फर्जी एवं संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का संगठित नेटवर्क कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। जांच में जिस भी व्यक्ति, दलाल, लाइसेंस धारक या हथियार आपूर्तिकर्ता की संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ ने फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस धारकों से स्वयं आगे आकर अपने शस्त्र और लाइसेंस सहित आत्मसमर्पण करने की अपील की है। साथ ही आम नागरिकों से भी अवैध या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस से संबंधित जानकारी साझा करने का आग्रह किया गया है। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
