उत्तराखंड मास्टर्स गेम्स फेडरेशन का गठन, फुटबॉल के मुख्य प्रभारी बने डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत
देहरादून:
उत्तराखंड में विभिन्न खेलों के मास्टर्स खिलाड़ियों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से उत्तराखंड मास्टर्स गेम्स फेडरेशन का गठन किया गया है। फेडरेशन में विभिन्न खेलों के लिए अलग-अलग प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इसी क्रम में डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत को उत्तराखंड में फुटबॉल का मुख्य प्रभारी बनाया गया है।

फेडरेशन के अध्यक्ष हर्ष मणि व्यास और महासचिव सतीश चंद चौहान बनाए गए हैं। संगठन में 30 वर्ष से लेकर 100 वर्ष तक की आयु वर्ग के पूर्व राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से प्रदेश के खेल सचिव आईपीएस अमित सिन्हा से मुलाकात कर मास्टर्स खिलाड़ियों के लिए अलग खेल नीति बनाने की मांग की।
फेडरेशन का कहना है कि प्रदेश में युवाओं के लिए खेल नीति, स्पोर्ट्स कोटा और प्रोत्साहन योजनाएं लागू हैं, लेकिन मास्टर्स खिलाड़ियों के लिए अब तक कोई समर्पित नीति नहीं बनाई गई है। ऐसे खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए यात्रा, आवास, सम्मान और प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।
मुख्य प्रभारी बनाए जाने पर डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि फुटबॉल उत्तराखंड का राज्य खेल है और वे पूरे प्रदेश में मास्टर्स फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्रतियोगिताओं का आयोजन करेंगे, ताकि खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन करें। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में उन्होंने खेल नीति को लेकर 32 सुझाव सरकार को दिए थे, जिनमें से कई सुझाव स्वीकार किए गए।
डॉ. रावत ने यह भी कहा कि पिछले पांच वर्षों में उत्तराखंड की मास्टर्स फुटबॉल टीम ने 40+, 50+ और 60+ आयु वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते हैं तथा खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री और खेल मंत्री द्वारा सम्मानित भी किया गया है।
फेडरेशन का मानना है कि मास्टर्स खिलाड़ियों को संगठित कर उन्हें उचित मंच और सरकारी सहयोग उपलब्ध कराया जाए तो इससे न केवल वरिष्ठ खिलाड़ियों का सम्मान बढ़ेगा, बल्कि युवा पीढ़ी भी खेलों के प्रति प्रेरित होगी और स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित होगी
