देहरादून में ‘लोक संवर्धन पर्व’ का शुभारंभ, 150 से अधिक स्टॉलों पर सजे देशभर के हस्तशिल्प और लोक उत्पाद
देहरादून:
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शनिवार से ‘लोक संवर्धन पर्व’ का शुभारंभ हो गया। 11 से 15 जुलाई तक चलने वाले इस महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण भी किया।
महोत्सव में देशभर से आए शिल्पकार, हस्तशिल्पी, लोक कलाकार, उद्यमी और पाक कला विशेषज्ञ अपनी पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत और हस्तनिर्मित उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
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है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपराओं और हस्तशिल्प को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ कारीगरों और लोक कलाकारों को नए बाजार और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार, शिक्षा ऋण, मुख्यमंत्री हुनर योजना और अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों के विकास जैसी कई योजनाएं संचालित कर रही है। साथ ही मदरसों में आधुनिक तकनीक और आईटी आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि लोक संवर्धन पर्व केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कौशल और शिल्पकारों के सम्मान का राष्ट्रीय उत्सव है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) योजना के तहत आयोजित यह महोत्सव कारीगरों को विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने उत्तराखंड सरकार की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन में साझेदारी करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जो प्रदेश की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता और विकासोन्मुखी सोच को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से महोत्सव में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों की खरीद के माध्यम से शिल्पकारों और कारीगरों का उत्साहवर्धन करने की अपील की।
