DEHRADUN

सामाजिक संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम भेजे ज्ञापन, छात्रों पर कार्रवाई की जांच और गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग

देहरादून, 27 जुलाई। राजधानी देहरादून में सोमवार को विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार रामदेव के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। एक ज्ञापन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की गई, जबकि दूसरे ज्ञापन में गौ माता को “राष्ट्रमाता” घोषित करने की मांग उठाई गई।

जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग

 

अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा, उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने बताया कि संगठन ने राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में 20 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस तथा अन्य बल प्रयोग किया गया। संगठन ने पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

गौ माता को “राष्ट्रमाता” घोषित करने की मांग

दूसरा ज्ञापन हिंदू स्वाभिमान संस्थान (पंजीकृत), उत्तराखंड की ओर से राष्ट्रपति को भेजा गया। ज्ञापन में भारत सरकार से गौ माता को “राष्ट्रमाता” घोषित करने तथा गौ संरक्षण के लिए नया कानून लागू करने का आग्रह किया गया है।

संगठन का कहना है कि भारतीय सनातन परंपरा में गौ माता का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, इसलिए उन्हें राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए।

ज्ञापन सौंपने वालों में रहे शामिल

ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से मनमोहन शर्मा, उमाशंकर शर्मा, योगेश सुमन, रिया मैथानी/रिया निशानी (प्रेस विज्ञप्ति में अलग-अलग उल्लेख), सीताराम नौटियाल, सारिका, अमित, मोहित गोयल, बृजेश शुक्ला, भावना और हरिकिशन पेटवाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।