Uttrakhand

सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास पर फोकस, वाइब्रेंट विलेज परियोजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से संबंधित राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति (एसएलएससी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के फेज-1 और फेज-2 के अंतर्गत प्रस्तावित विभिन्न विकास परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और कई परियोजनाओं को संस्तुति प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं का चयन और प्राथमिकता निर्धारण किया जाए।

उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों में सड़क एवं विद्युत ग्रिड कनेक्टिविटी, नेटवर्क, टेलीविजन और संचार सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सीमावर्ती गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।May be an image of text that says 'उत्तराखण्ड सरकार ቤዝዊ ttarakhand'

सेना, एसएसबी और आईटीबीपी की जरूरतों को भी मिलेगा महत्व

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय सेना, एसएसबी और आईटीबीपी से संबंधित आवश्यक परियोजनाओं को भी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। साथ ही संबंधित जिलों की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले परियोजना प्रस्तावों में कार्यों की प्राथमिकता स्पष्ट होनी चाहिए। इसके लिए परियोजनाओं की सूची प्राथमिकता के अवरोही क्रम में तैयार करने को कहा गया।

 

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प्रत्येक संबंधित जिले से तैयार होंगे पांच बड़े प्रोजेक्ट

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के लिए प्रत्येक संबंधित जनपद से पांच-पांच बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तैयार किए जाएं।

इन परियोजनाओं में क्षेत्र की स्थानीय आवश्यकताओं, कनेक्टिविटी, बुनियादी सुविधाओं, पर्यटन, आजीविका और सीमावर्ती क्षेत्रों की रणनीतिक जरूरतों को विशेष रूप से ध्यान में रखने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए केंद्र या राज्य सरकार की अन्य योजनाओं के माध्यम से वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते हैं, उन्हें संबंधित योजनाओं से वित्तपोषित कराने का प्रयास किया जाए। ऐसी परियोजनाओं को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की सूची से हटाकर उनके स्थान पर अन्य आवश्यक और प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को शामिल किया जा सकता है।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि फेज-1 और फेज-2 के अंतर्गत सभी परियोजनाओं की प्राथमिकता तय करने के बाद ही उन्हें केंद्र सरकार को भेजा जाए।

बैठक में प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, डीजी कारागार अभिनव कुमार, सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, सी. रविशंकर, आईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।