कांग्रेस चुनाव जीतने में नाकाम, अब गंदे राजनीतिक हथकंडों का सहारा ले रही: महेंद्र भट्ट
जनविश्वास जीतने में असफल कांग्रेस अब जनता का आपसी भरोसा तोड़ने में जुटी: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
देहरादून, 7 सितंबर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि चुनावी मैदान में भाजपा को लोकतांत्रिक तरीके से चुनौती देने में असफल कांग्रेस अब सत्ता हासिल करने के लिए नकारात्मक और जातिवादी राजनीति का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि जनविश्वास जीतने में लगातार नाकाम रही कांग्रेस अब समाज में आपसी भरोसे और सौहार्द को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
मीडिया के सवालों के जवाब में जारी बयान में महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस को चुनावों में लगातार मिल रही हार से हताशा पैदा हो गई है। इसी हताशा में पार्टी अब समाज के ताने-बाने को प्रभावित करने वाली राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के बीच आपसी विश्वास और सामाजिक सौहार्द को तोड़ने के लिए कांग्रेस नकारात्मक एवं जातिवादी राजनीति को बढ़ावा दे रही है।

‘उत्तराखंड को बदनाम करने की साजिश कर रही कांग्रेस’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड की जनता ने कांग्रेस को लगातार नकारा है। इसके बाद कांग्रेस नेता हताशा में पूरे प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय स्तर पर खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जमीन खिसकने के कारण राज्य की शांति, सामाजिक सौहार्द और विकास की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
भट्ट ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस के पास अब अपना कोई स्पष्ट विजन या नीति नहीं बची है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस का पूरा ध्यान दिल्ली में बैठे अपने ‘युवराज’ के बयानों का बचाव करने और उन्हें सही साबित करने पर केंद्रित है। कांग्रेस नेताओं को प्रदेश की जनता और उत्तराखंड के विकास की चिंता नहीं है।
‘जनता कांग्रेस के हथकंडों को समझ चुकी है’
महेंद्र भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड की जनता कांग्रेस के राजनीतिक हथकंडों, कथित षड्यंत्रों और नकारात्मक राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जनता इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे जितने भी राजनीतिक हथकंडे अपनाए, देवभूमि की जनता सामाजिक सौहार्द और विकास के मुद्दे पर किसी भी तरह की नकारात्मक राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। इसका जवाब जनता अपने मताधिकार के माध्यम से उचित समय पर देगी।
