1.20 करोड़ की ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी का खुलासा, मालदा से एक आरोपी गिरफ्तार
देहरादून, 7 सितंबर। उत्तराखंड एसटीएफ के साइबर थाना कुमाऊं परिक्षेत्र ने करीब 1 करोड़ 20 लाख 18 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक आरोपी को पश्चिम बंगाल के मालदा से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने अल्मोड़ा निवासी एक वरिष्ठ नागरिक को टेलीकॉम रेग्यूलेटरी विभाग का अधिकारी बनकर व्हाट्सएप कॉल के जरिए करीब 12 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई।
60 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाया
एसटीएफ के मुताबिक, पीड़िता ने जनवरी 2026 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि दिसंबर 2025 में अज्ञात व्यक्तियों ने व्हाट्सएप कॉल कर खुद को टेलीकॉम रेग्यूलेटरी विभाग का अधिकारी बताया। आरोपियों ने दावा किया कि पीड़िता के आधार कार्ड से जुड़े केनरा बैंक खाते में करीब 60 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है।
इसके अलावा आरोपियों ने यह भी कहा कि खाते में करीब 5,000 लोगों द्वारा धनराशि ट्रांसफर की गई है और पीड़िता के खिलाफ 5,000 एफआईआर दर्ज हैं। इस तरह की बातों से डराकर आरोपियों ने पीड़िता को लगातार व्हाट्सएप कॉल पर बने रहने और किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क नहीं करने की हिदायत दी।
बैंक खातों के वैरिफिकेशन के नाम पर ठगी
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने पीड़िता को उसके सभी बैंक खातों का वैरिफिकेशन करने की बात कही। इसके बाद ‘हाउस अरेस्ट’ और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाते हुए विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹1,20,18,000 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने साइबर क्राइम पुलिस टीम को जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। टीम ने घटना में इस्तेमाल बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप से संबंधित जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों, सर्विस प्रदाता कंपनियों और मेटा को पत्राचार किया।
प्राप्त डिजिटल और तकनीकी डेटा के विश्लेषण के बाद पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का सत्यापन किया। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने शान्तनु दास पुत्र समीर कुमार दास, निवासी ग्राम गोपालपुर, निकट हरि मंदिर, थाना इंग्लिश बाजार, जिला मालदा, पश्चिम बंगाल को मालदा से गिरफ्तार किया।
आरोपी के खाते में पहुंची पूरी रकम
पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगी से प्राप्त रकम को आरोपी तत्काल दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर देता था। जांच में सामने आया कि आरोपी शान्तनु दास के बैंक खाते का इस्तेमाल करते हुए उसमें 1 करोड़ 20 लाख 18 हजार रुपये की धनराशि प्राप्त की गई थी। मामले में अग्रिम विवेचना जारी है।
ऐसे बनाया गया डिजिटल अरेस्ट का जाल
जांच के अनुसार, आरोपी और उसके साथियों ने पीड़िता को टेलीकॉम रेग्यूलेटरी विभाग का अधिकारी बताकर संपर्क किया। उसे बताया गया कि उसके आधार कार्ड से जुड़े बैंक खाते में संदिग्ध और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित बड़ी रकम का लेन-देन हुआ है।
इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता को लगातार व्हाट्सएप कॉल पर रहने के लिए कहा और किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। बैंक खातों के वैरिफिकेशन के नाम पर उससे अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई।
एसटीएफ ने की जनता से अपील
एसटीएफ उत्तराखंड ने लोगों से साइबर ठगी को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर बैंकिंग जानकारी, दस्तावेज या अन्य निजी जानकारी साझा न करें। फर्जी निवेश ऑफर, YouTube लाइक-सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश योजनाओं और कम समय में रकम दोगुनी करने के लालच से बचने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधी पहले छोटे-छोटे इनाम देकर लोगों का भरोसा जीतते हैं और बाद में बड़ी रकम निवेश करने के लिए दबाव बनाते हैं। ऐसे किसी भी मामले में संदेह होने पर तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।
वित्तीय साइबर अपराध होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
गिरफ्तार आरोपी
शान्तनु दास पुत्र समीर कुमार दास
निवासी ग्राम गोपालपुर, निकट हरि मंदिर, थाना इंग्लिश बाजार, जिला मालदा, पश्चिम बंगाल।
पुलिस टीम
- निरीक्षक अरुण कुमार
- उपनिरीक्षक शंकर सिंह रावत
- अपर उपनिरीक्षक सत्येंद्र गंगोला
- हेड कांस्टेबल मनोज कुमार
