धामी सरकार के छह साल भ्रष्टाचार बेनिसाल: जसविंदर सिंह गोगी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन के मौके पर उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रदेशभर में सरकार की भूमि और संपत्ति नीतियों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। देहरादून में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता कर सरकार पर सरकारी जमीनों और संपत्तियों को निजी हाथों में देने का आरोप लगाया।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने आरोप लगाया कि रुद्रप्रयाग जिले के दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित लोक निर्माण विभाग के तीन निरीक्षण भवनों को निजी हाथों में देने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन संपत्तियों की भौगोलिक स्थिति और केदार घाटी में इनके महत्व को देखते हुए कांग्रेस इनके निजीकरण का विरोध करेगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड (UIIDB) के माध्यम से सरकारी जमीनों और संपत्तियों को दीर्घ अवधि के लिए निजी परियोजनाओं में दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। UIIDB के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, पटवाडांगर, नैनीताल में प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट के लिए भूमि आवंटन का RFP जारी किया गया है। वहीं हरिद्वार के अलकनंदा होटल और ऋषिकेश PWD गेस्ट हाउस के पुनर्विकास के लिए भी PPP आधार पर निविदाएं जारी की गई हैं।
UIIDB की अपनी लैंड ऑक्शन गाइडलाइन में सरकारी भूमि को निर्धारित परियोजनाओं के लिए लीज पर देने का प्रावधान है और इसमें लीज की अवधि अधिकतम 90 वर्ष तक रखने की व्यवस्था बताई गई है।
कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने अब तक बड़ी मात्रा में सरकारी भूमि UIIDB को सौंपने संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी है। उन्होंने दावा किया कि कई अन्य प्रस्ताव भी सरकार के स्तर पर लंबित हैं।
भंडारी ने आरोप लगाया कि जिन शर्तों के आधार पर निविदाएं जारी की जा रही हैं, उनसे सरकारी संपत्तियों को निजी क्षेत्र के हवाले करने की सरकार की नीति स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन संपत्तियों के इस्तेमाल और दीर्घकालीन लीज की शर्तों को लेकर सरकार से जवाब मांगेगी।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार लोक निर्माण विभाग के अन्य निरीक्षण भवनों और पर्यटन विभाग की कुछ संपत्तियों को भी निजी क्षेत्र के साथ लीज या PPP मॉडल पर देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण को लेकर सवाल उठाती रहेगी।
कांग्रेस नेताओं ने मसूरी के पार्क एस्टेट (हाथीपांव) का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि पूर्व में सरकारी भूमि को लंबी अवधि की लीज पर निजी कंपनी को दिए जाने के फैसले से सरकार की भूमि नीति पर सवाल खड़े हुए हैं।
भूमि कानून को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में किए गए भूमि कानून में बदलावों ने राज्य की जमीनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और हस्तांतरण की संभावनाओं को बढ़ाया है। कांग्रेस ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य की महत्वपूर्ण सरकारी संपत्तियों को निजी परियोजनाओं के लिए देने के पीछे क्या नीति और शर्तें हैं।
रुद्रप्रयाग से आंदोलन की शुरुआत का ऐलान
कांग्रेस ने कहा कि रुद्रप्रयाग के दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित निरीक्षण भवनों की जमीन को निजी हाथों में जाने से रोकने के लिए जिला कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन शुरू करेंगे। पार्टी नेताओं ने कहा कि इन संपत्तियों पर रक्षा सूत्र बांधकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
कांग्रेस ने ऐलान किया कि सरकारी जमीनों और सार्वजनिक संपत्तियों को लेकर प्रदेशभर में अभियान चलाया जाएगा। पार्टी का कहना है कि वह सरकार से इन संपत्तियों की स्थिति, लीज की शर्तों, परियोजनाओं और आवंटन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करेगी।
