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110 दिन से शिक्षा निदेशालय में धरना, 95 दिन से क्रमिक अनशन; CM धामी से मिले शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगार

देहरादून। शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन का शिक्षा निदेशालय में चल रहा आंदोलन लगातार जारी है। संगठन के अनुसार, प्रशिक्षित बेरोजगार पिछले 110 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने और 95 दिनों से क्रमिक अनशन पर हैं। इसी क्रम में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पाण्डेय ने मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं से अवगत कराया।

संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदेश के विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति सहित चार प्रमुख मांगें रखीं। संगठन का कहना है कि प्रशिक्षित बेरोजगार लंबे समय से नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रत्येक विद्यालय में शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने जल्द कार्रवाई का दिया आश्वासन

संगठन के मुताबिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनकी मांगों को सुना और मामले का जल्द निस्तारण किए जाने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने संबंधित प्रकरण को शीघ्र कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की बात कही।

प्रशिक्षित बेरोजगारों का कहना है कि लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के लिए सरकार की ओर से ठोस निर्णय की आवश्यकता है।

ये हैं चार प्रमुख मांगें

1. प्रत्येक विद्यालय में शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति:
नई शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेश के प्रत्येक प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट विद्यालय तक एक शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग।

2. फाइल संख्या 77006 को कैबिनेट से मंजूरी:
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित फाइल संख्या 77006 को शीघ्र कैबिनेट से मंजूरी दिलाकर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग।

3. व्यायाम प्रवक्ता के पद सृजित किए जाएं:
राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेजों में नई शिक्षा नीति के अनुरूप शारीरिक शिक्षा के व्यायाम प्रवक्ता (Lecturer) के पद सृजित करने की मांग।

4. आयु सीमा में छूट:
संगठन ने वर्ष 2006 से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगारों को भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा में छूट देने की मांग की है।

लंबे आंदोलन के बाद सरकार से उम्मीद

संगठन का कहना है कि प्रशिक्षित बेरोजगारों का आंदोलन लंबे समय से जारी है। उनका प्रमुख उद्देश्य प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा को मजबूत करना और प्रशिक्षित युवाओं के लिए नियुक्ति के अवसर सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात के बाद संगठन को अब कैबिनेट स्तर पर मामले के निस्तारण की उम्मीद है।