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उत्तराखंड में पहली बार SIM Box से चल रहे अवैध टेलीकॉम गेटवे का भंडाफोड़, 114 सिम समेत आरोपी गिरफ्तार

ऊधमसिंह नगर। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की साइबर कुमाऊं यूनिट ने बाजपुर क्षेत्र में SIM Box के जरिए संचालित अवैध टेलीकॉम गेटवे का भंडाफोड़ किया है। STF के अनुसार, राज्य में पहली बार इस तरह के अवैध टेलीकॉम गेटवे का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 114 Airtel SIM कार्ड, दो SIM Box, 77 एंटीना, इंटरनेट राउटर, मोबाइल फोन और अन्य टेलीकॉम उपकरण बरामद किए हैं।

STF के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए विदेशी और VoIP कॉल को भारतीय लोकल मोबाइल नंबर के रूप में प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा था। मामले में मुरादाबाद निवासी करीब 24 वर्षीय कादिर को गिरफ्तार किया गया है।

सात महीने से चल रहा था गेटवे

STF को बाजपुर क्षेत्र में एक मकान से SIM Box के जरिए अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ समन्वय के बाद STF की साइबर टीम ने मुडिया, ईदगाह के पास स्थित मकान पर दबिश दी।

दबिश के दौरान SIM Box के माध्यम से अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित करते हुए कादिर को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने इस गेटवे को करीब सात महीने से संचालित किए जाने की जानकारी दी।

विदेशी कॉल को लोकल नंबर में बदलने का खेल

जांच के अनुसार, आरोपी SIM Box के माध्यम से विदेशी एवं इंटरनेट आधारित VoIP कॉल्स को भारतीय लोकल मोबाइल कॉल्स में परिवर्तित कर रहा था। इसके चलते कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति के मोबाइल पर विदेशी नंबर की जगह भारतीय मोबाइल नंबर दिखाई देता था।

STF के अनुसार, इस तकनीक का इस्तेमाल कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान और लोकेशन छिपाने में मदद के लिए किया जा सकता है।

अवैध गेटवे में अलग-अलग व्यक्तियों की आईडी का दुरुपयोग कर हासिल किए गए SIM कार्ड इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है।

बांग्लादेश के साइबर अपराधियों से संपर्क की जांच

STF के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के बांग्लादेश के साइबर अपराधियों से संपर्क में होने और उनके माध्यम से आर्थिक लाभ हासिल करने की जानकारी सामने आई है। STF अब आरोपी के साइबर नेटवर्क, विदेशी संपर्कों, बैंक खातों और संभावित अन्य सहयोगियों के संबंध में जांच कर रही है।

डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में इस्तेमाल

जांच में यह भी सामने आया है कि SIM Box तकनीक का इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया जा सकता है। STF के अनुसार इसका उपयोग—

  • विदेशी/VoIP कॉल को भारतीय लोकल नंबर के रूप में प्रदर्शित करने,
  • कॉलर की वास्तविक पहचान और लोकेशन छिपाने,
  • फर्जी या दूसरे व्यक्तियों के दस्तावेजों पर जारी SIM कार्ड के इस्तेमाल,
  • डिजिटल अरेस्ट और फर्जी अधिकारी बनकर ठगी जैसे साइबर अपराधों,
  • अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज के जरिए सरकारी राजस्व एवं टेलीकॉम कंपनियों को नुकसान पहुंचाने

में किया जा सकता है।

आरोपी पहले भी SIM Box मामले में गिरफ्तार हो चुका

STF के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी कादिर का पहले भी साइबर अपराधियों से संपर्क रहा है। वर्ष 2023 में थाना कटघर, जनपद मुरादाबाद में SIM Box के माध्यम से अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित करने के मामले में उसे गिरफ्तार किया जा चुका है। वह फिलहाल जमानत पर था।

उसके खिलाफ थाना कटघर में FIR संख्या 250/2023 के तहत धारा 420, 467, 468, 471 IPC एवं भारतीय तार अधिनियम, 1885 की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा FIR संख्या 541/2023 के तहत गैंगस्टर एक्ट का मामला भी दर्ज है।

बरामद हुआ टेलीकॉम उपकरणों का जखीरा

STF ने मौके से बरामद किया—

  • 2 SIM Box (32 स्लॉट)
  • 77 SIM Box एंटीना
  • 114 Airtel SIM कार्ड
  • 1 Airtel इंटरनेट राउटर
  • 1 Samsung A35 मोबाइल फोन, SIM सहित
  • LAN/USB केबल एवं कनेक्टर
  • 2 AC Adapter और 2 Power Cable
  • 1 फाइबर वायर
  • 1 मीडिया कन्वर्टर
  • 1 एक्सटेंशन बोर्ड
  • अन्य टेलीकॉम उपकरण

STF की साइबर नेटवर्क पर जांच जारी

STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि SIM Box जैसी तकनीक के जरिए पहचान छिपाने का प्रयास करने वाले साइबर अपराधियों के खिलाफ आधुनिक साइबर फॉरेंसिक और तकनीकी संसाधनों की मदद से कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि मामले में फर्जी दस्तावेजों पर SIM उपलब्ध कराने वाले एजेंटों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

कार्रवाई करने वाली STF टीम

इस कार्रवाई में निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एम.पी. सिंह, उपनिरीक्षक शंकर सिंह रावत, उपनिरीक्षक अशोक कांडपाल, उपनिरीक्षक प्रकाश भगत, अपर उपनिरीक्षक सत्येंद्र गंगोला, हेड कांस्टेबल गोविंद सिंह, हेड कांस्टेबल मोहित वर्मा, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, कांस्टेबल मुहम्मद उस्मान, कांस्टेबल प्रवीण आगरी और कांस्टेबल गुरवंत सिंह शामिल रहे।