1.50 लाख छात्रों तक पहुंचा STF का नशा विरोधी संदेश, ऑनलाइन अभियान में पूछे गए सवालों के दिए जवाब
देहरादून, 26 सितंबर 2026। नशे के खिलाफ जंग अब सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि जागरूकता के मोर्चे पर भी तेज हो रही है। उत्तराखंड एसटीएफ की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने प्रदेश के करीब 1.50 लाख छात्र-छात्राओं तक ऑनलाइन माध्यम से नशा विरोधी संदेश पहुंचाया। ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, बचाव और नशा तस्करी से जुड़ी गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाने के तरीकों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से दूर रखते हुए उन्हें शिक्षा, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना रहा। प्रदेशभर के राजकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एक साथ ऑनलाइन इस अभियान से जुड़े।
नशे के नुकसान समझाए, सही संगति पर दिया जोर
ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम में CO ANTF परवेज अली और SI कमाल हसन ने विद्यार्थियों से संवाद किया। अधिकारियों ने नशे के शारीरिक और मानसिक नुकसान के साथ ही इसके सामाजिक एवं शैक्षिक प्रभावों की जानकारी दी।
छात्रों को समझाया गया कि नशे से बचाव में सही संगति, परिवार और शिक्षकों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अधिकारियों ने युवाओं से अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को पढ़ाई, खेल और अन्य सकारात्मक गतिविधियों में लगाने की अपील की।
छात्रों ने पूछे सवाल, अधिकारियों ने दिए जवाब
कार्यक्रम केवल एकतरफा संबोधन तक सीमित नहीं रहा। विद्यार्थियों ने नशे और उससे बचाव से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल और तथ्यात्मक तरीके से जवाब दिया।
छात्रों को यह भी बताया गया कि यदि उन्हें नशे के अवैध कारोबार या तस्करी से जुड़ी कोई जानकारी मिलती है तो वे उचित माध्यम से पुलिस को इसकी सूचना दे सकते हैं।
‘लालच में आकर नशा तस्करी का हिस्सा न बनें’
एसटीएफ ने युवाओं को आगाह किया कि किसी भी तरह के लालच में आकर नशे की तस्करी जैसे अपराधों का हिस्सा न बनें। पुलिस ने अभिभावकों और शिक्षकों से भी नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
एसटीएफ के मुताबिक, नशे के खिलाफ लड़ाई में युवाओं की भागीदारी और जागरूकता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूचना मिलने पर नागरिक निकटतम पुलिस स्टेशन अथवा एसटीएफ/एएनटीएफ उत्तराखंड से संपर्क कर सकते हैं।
संदेश साफ है—नशे से दूरी, सुरक्षित भविष्य की ओर कदम।

