सरकारी भूमि के कथित दुरुपयोग पर कांग्रेस ने मुख्य सचिव से की मुलाकात, निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी भूमि की सुरक्षा और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग उठाई
देहरादून। सरकारी भूमि के कथित दुरुपयोग और चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के आरोपों को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्य सचिव से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मामले से जुड़े विभिन्न बिंदु मुख्य सचिव के समक्ष रखते हुए निष्पक्ष जांच और सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

कांग्रेस के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी भूमि के कथित गलत आवंटन, उपयोग और उससे संबंधित अनियमितताओं के मामलों को प्रशासन के सामने उठाया। पार्टी ने पूरे प्रकरण की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने तथा यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
सरकारी भूमि की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने सरकारी भूमि को सार्वजनिक संपत्ति बताते हुए इसके संरक्षण और सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि सरकारी भूमि का किसी भी स्तर पर अनधिकृत अथवा नियमों के विपरीत इस्तेमाल न हो।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकारी भूमि के मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की जरूरत है। पार्टी ने संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग रखी।
मुख्य सचिव के समक्ष रखे विभिन्न बिंदु
मदन लाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव के समक्ष सरकारी भूमि से जुड़े मामलों की जांच, जिम्मेदारी तय करने और सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा से संबंधित मांगें रखीं।
हालांकि, मुलाकात के बाद मुख्य सचिव या शासन की ओर से इस मामले में क्या कार्रवाई अथवा जांच के निर्देश दिए गए हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित विभाग या सरकार का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

