Uttrakhand

2 लाख से ज्यादा डेयरी किसानों के लिए उत्तराखंड सरकार की बड़ी पहल, दूध उत्पादन बढ़ाने से बाजार तक पहुंच मजबूत करने पर जोर

देहरादून। उत्तराखंड में दुग्ध उत्पादन से जुड़े छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार नई पहल शुरू करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के 2 लाख से अधिक डेयरी किसानों को बेहतर प्रजनन, पशु पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और बाजार तक पहुंच से जोड़ने की योजना तैयार की गई है। सरकार का फोकस दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से बेहतर तरीके से जोड़ने पर रहेगा।

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शासन स्तर पर इस कार्यक्रम की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इसी सप्ताह सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में योजना को लेकर बैठक भी हुई। कार्यक्रम के लिए GATES Foundation वित्तीय सहयोग देगा, जबकि GDI Partners की ओर से परामर्शी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

बेहतर नस्ल और ज्यादा दुग्ध उत्पादन पर फोकस

कार्यक्रम के तहत कृत्रिम गर्भाधान (AI), भ्रूण प्रत्यारोपण (ET), पशु आहार एवं पोषण और पशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाएगी। बेहतर प्रजनन व्यवस्था के जरिए पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन में सुधार का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा पशुपालकों को संतुलित पशु आहार उपलब्ध कराने के लिए मिनी फीड मिलों की स्थापना और स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण पशु आहार तैयार करने को प्रोत्साहित किया जाएगा।

आंचल की सहकारी समितियों और डेयरी नेटवर्क को मिलेगा विस्तार

योजना में आंचल की सहकारी समितियों और बाजार व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत दुग्ध संग्रहण और प्रसंस्करण नेटवर्क के विस्तार की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि किसानों को उनके उत्पाद के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके।

सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि डेयरी किसानों को उत्पादन से लेकर बाजार तक पूरी मूल्य श्रृंखला से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ना है।

तकनीक से आसान होंगी पशुधन सेवाएं

कार्यक्रम में तकनीक आधारित समाधानों का भी व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें पशु स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी, गर्भधारण की जांच के लिए किट और कम लागत वाली कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं शामिल हैं।

इन तकनीकी उपायों के जरिए किसानों के लिए पशुधन सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की योजना है। खासतौर पर छोटे और सीमांत पशुपालकों को बेहतर प्रजनन एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

2 लाख से ज्यादा किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य

समग्र कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 2 लाख से अधिक डेयरी किसानों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बेहतर प्रजनन, संतुलित पोषण, पशु स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच के माध्यम से किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।

बैठक में निदेशक पशुपालन डॉ. उदय शंकर, निदेशक डेयरी विकास इला गिरी, सीईओ पशुधन विकास बोर्ड डॉ. राकेश सिंह नेगी, GATES Foundation की प्रतिनिधि निधि जैन तथा प्रियंका काकडू सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

राज्य सरकार की इस पहल का फोकस उत्तराखंड के छोटे डेयरी किसानों को बेहतर संसाधन, तकनीक और बाजार उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन को आर्थिक रूप से अधिक टिकाऊ व्यवसाय बनाने पर है।