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सिंगल यूज प्लास्टिक पर DM आशीष चौहान का शिकंजा, सप्लाई नेटवर्क तोड़ने के निर्देश; अवैध डंपिंग पर कटेगा चालान

देहरादून के सभी 100 वार्डों में सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश | प्लास्टिक कचरे के निस्तारण में लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी, कालसी में गलत साइट चयन पर कार्रवाई के आदेश

देहरादून, 8 अक्टूबर 2026। प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक की आपूर्ति और अनधिकृत डंपिंग पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित विभागों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल बाजारों में छापेमारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्लास्टिक के उत्पादन, भंडारण, आपूर्ति और इस्तेमाल से जुड़े पूरे नेटवर्क को चिह्नित कर प्रभावी कार्रवाई की जाए।

गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में अनधिकृत डंपिंग साइटों की पहचान कर वहां जमा प्लास्टिक कचरे का तत्काल उठान और नियमानुसार निस्तारण कराने को कहा।

 

प्लास्टिक की सप्लाई कहां से, किसके जरिए? औद्योगिक इकाइयों की होगी जांच

जिलाधिकारी ने राज्य कर विभाग को संबंधित औद्योगिक इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को प्लास्टिक सामग्री के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की आपूर्ति, उपलब्ध स्टॉक, उत्पादन क्षमता और वितरण से संबंधित जानकारी जुटाने को कहा गया है।

बाजारों में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क की पहचान कर उसके विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन का जोर प्लास्टिक कचरा पैदा होने के बाद सफाई कराने के साथ-साथ प्रतिबंधित सामग्री की आपूर्ति के स्रोतों पर अंकुश लगाने पर है।

अवैध डंपिंग साइटों पर नजर, कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई

डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को जिले में बल्क वेस्ट जनरेटर और कचरे की अनधिकृत डंपिंग साइटों को तत्काल चिह्नित करने को कहा। ऐसी जगहों से प्लास्टिक कचरा उठवाकर उसका नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

नगर निगम और सभी नगर निकायों को उपलब्ध मानव संसाधन तथा मशीनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए सफाई अभियान प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद प्लास्टिक कचरे के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

प्रशासन ने अनधिकृत डंपिंग के मामलों में निगरानी बढ़ाने और नियमों के उल्लंघन पर चालान सहित नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

कॉम्पेक्टर मशीनों का हिसाब तलब, कालसी में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराई गई कॉम्पेक्टर मशीनों की कार्यक्षमता की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी कि कितनी मशीनें चालू हालत में हैं और अब तक उनके माध्यम से कितनी मात्रा में प्लास्टिक कचरे का निस्तारण किया गया है।

कालसी क्षेत्र में कचरे को कॉम्पेक्टर तक पहुंचाने में कठिनाई और अधिक लागत आने की शिकायत पर डीएम ने साइट चयन में लापरवाही बरतने वाली टीम के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं और संसाधनों का उपयोग व्यावहारिक जरूरतों के अनुरूप होना चाहिए, ताकि कचरे का निस्तारण प्रभावी तरीके से किया जा सके।

देहरादून के 100 वार्डों में चलेगा चेकिंग अभियान

नगर निगम देहरादून के सभी 100 वार्डों में तैनात सेक्टर अधिकारियों को सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को अपने-अपने वार्डों में अनधिकृत डंपिंग स्थलों की पहचान कर तत्काल सूचना देने और विशेष सफाई अभियान के जरिए प्लास्टिक कचरे का निस्तारण सुनिश्चित कराने को कहा गया है।

इसके साथ ही प्रतिबंधित प्लास्टिक की आपूर्ति करने वालों पर कार्रवाई और आमजन के बीच जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

 

केवल चालान से नहीं, जनभागीदारी से रुकेगा प्लास्टिक प्रदूषण

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक की समस्या का स्थायी समाधान केवल कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना और वैकल्पिक उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना भी जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को प्लास्टिक के पर्यावरण और मानव जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, राज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर अजय कुमार सिंह समेत विभिन्न विभागों, नगर निकायों और विकासखंडों के अधिकारी मौजूद रहे।

प्रशासन के सामने अब दोहरी चुनौती है: प्रतिबंधित प्लास्टिक की आपूर्ति पर प्रभावी रोक लगाना और उन स्थानों पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करना, जहां खुले में कचरा फेंका जाता है। अभियान की सफलता इस बात से तय होगी कि निर्देशों के बाद वास्तविक स्तर पर कितनी कार्रवाई होती है और प्लास्टिक कचरे का निस्तारण कितनी नियमितता से किया जाता है।