Uttrakhand

नदियों के चैनलाइजेशन में तेजी लाएं, किसानों तक पहुंचे सिंचाई का पानी: सतपाल महाराज

कुंभ कार्यों के लिए 98 करोड़ रुपये की मांग, आपदा प्रभावित चमोली और थराली के 24 कार्यों के लिए 1,076 करोड़ का प्रस्ताव | 5 करोड़ से अधिक की योजनाओं का होगा थर्ड पार्टी परीक्षण

देहरादून। उत्तराखंड में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने, किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और नदियों के चैनलाइजेशन में तेजी लाने के लिए सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने विभागीय अधिकारियों को जरूरी कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंचाई क्षमता के अनुरूप किसानों को पानी उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है और इस दिशा में जरूरी उपायों में देरी नहीं होनी चाहिए।

 

गुरुवार को यमुना कॉलोनी स्थित लोक निर्माण विभाग सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सिंचाई मंत्री ने लंबित परियोजनाओं, निर्माण कार्यों में देरी, गुणवत्ता और जल प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने पुलों के नीचे नदी तल के उचित चैनलाइजेशन और नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

नहरों के अंतिम छोर तक पहुंचे पानी, किसानों को मिले राहत

समीक्षा बैठक में सतपाल महाराज ने अधिकारियों को सभी नहरों में टेल फीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि नहरों के अंतिम छोर पर स्थित खेतों तक भी पर्याप्त पानी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सिंचाई क्षमता के सापेक्ष किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में विभाग को व्यावहारिक समस्याओं की पहचान कर तत्काल समाधान करना होगा।

मंत्री ने बजट का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप करने और जलाशयों व बैराजों की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश भी दिए। जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के साथ प्रमुख सिंचाई संरचनाओं की नियमित निगरानी करने को कहा गया।

पांच करोड़ से अधिक की योजनाओं की होगी थर्ड पार्टी जांच

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर जोर देते हुए सिंचाई मंत्री ने निर्देश दिए कि पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं के लिए थर्ड पार्टी परीक्षण की व्यवस्था की जाए। इसका उद्देश्य निर्माण की गुणवत्ता का स्वतंत्र आकलन करना और परियोजनाओं में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।

बैठक में लंबित योजनाओं और निर्माण कार्यों में हो रही देरी के कारणों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखने और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए।

कुंभ कार्यों के लिए 98 करोड़ रुपये के बजट की मांग

सिंचाई मंत्री ने बताया कि विभाग की ओर से कुंभ से संबंधित कार्यों के लिए 98 करोड़ रुपये के बजट की मांग की गई है। इसके अलावा आपदा से क्षतिग्रस्त चमोली और थराली क्षेत्र के 24 कार्यों के लिए 1,076 करोड़ रुपये की धनराशि तथा 774.33 करोड़ रुपये की सात योजनाओं के लिए भी बजट की मांग की गई है।

उन्होंने बताया कि गढ़वाल और कुमाऊं की नदियों के चैनलाइजेशन के लिए मॉर्फोलॉजिकल और वैज्ञानिक अध्ययन कराया जा रहा है। अध्ययन के आधार पर नदी तंत्र और उसके स्वरूप से जुड़े पहलुओं का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जमरानी बांध के लिए 337 करोड़ का बजट

बैठक में जमरानी बांध परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सतपाल महाराज ने बताया कि चालू वर्ष में परियोजना के लिए 337 करोड़ रुपये का बजट है, जिसमें से अब तक 166 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई है।

बैठक में अपर सचिव सिंचाई गरिमा रौंकली, प्रमुख अभियंता सुभाष चंद्र पांडे, मुख्य अभियंता शंकर कुमार शाह और मुख्य अभियंता चंद्रशेखर सहित सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अब निगाहें क्रियान्वयन पर: नदियों के चैनलाइजेशन, नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त कार्यों को पूरा करने के निर्देशों का वास्तविक असर परियोजनाओं की प्रगति और किसानों को मिलने वाली सिंचाई सुविधा से तय होगा।