असम राइफल्स में दोहरी कमान नीति से आक्रोश, राज्यस्तरीय अधिवेशन में सरकार के खिलाफ हल्ला बोल
असम राइफल्स पूर्व सैनिक संगठन।
(अरेवा) के द्वितीय राज्यस्तरीय महाअधिवेशन में दोहरी कमान नीति, और समान कार्य के लिए समान वेतन और पेंशन लागू न होने पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। जीएमए रोड स्थित वेडिंग प्वाइंट में रविवार को हुए समारोह में राज्य से करीब 645 पूर्व सैनिक और उनके परिवार के सदस्य शामिल हुए।
समारोह में बतौर मुख्य अतिथि केरल आए राष्ट्रीय अध्यक्ष वी तुलसी नायर और बतौर विशिष्ट अतिथि मेयर सौरभ थपलियाल शामिल हुए। दीप प्रज्वलित होने के साथ महाअधिवेशन शुरू हुआ। समारोह में असम राइफल्स के जवानों का मुख्य मुद्दा…

दून के बंगाली कोठी स्थित वेडिंग प्वॉइंट में रविवार को असम राइफल्स पूर्व सैनिक कल्याण संगठन के महाधिवेशन में मौजूद पूर्व सैनिक बल का दोहरा नियंत्रण रहा। असम राइफल्स का प्रशासनिक नियंत्रण गृह मंत्रालय के पास है। परिचालन नियंत्रण रक्षा मंत्रालय के अधीन भारतीय सेना के पास है। इस नीति को बल के मनोबल और दक्षता के लिए हानिकारक बताया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी तुलसी नायर कहा कि इस विसंगति के कारण जवान खुद को सस्ता सैनिक महसूस करते हैं। जवानों और पूर्व सैनिकों की मांग है कि या तो असम राइफल्स को पूर्ण रूप से रक्षा मंत्रालय के नियंत्रण में लाया जाए या फिर उन्हें समान कार्य के लिए समान दिल्ली उच्च न्यायालय में 11 वर्षों से मामला लंबित हैं।

इस मौके पर बताया कि गया कि समान कार्य-समान वेतन और दोहरी कमान के मुद्दे पर पिछले 11 वर्षों से दिल्ली उच्च न्यायालय में मामला चल रहा है। अरेवा ने सरकार के उदासीन रवैये पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर केंद्र सरकार मददगार साबित नहीं हुई है।
वेतन और पेंशन का लाभ दिया जाए। इस मौके पर अरेवा संगठन देहरादून इकाई के मुख्य संरक्षक पूर्व कमांडेंट आरएस नेगी, राज्य सचिव बिशन सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष सीआर आर्य, संरक्षक रमेश सम मौजूद रहे।

