कांग्रेस मुख्यालय में ‘संविधान बचाओ–लोकतंत्र बचाओ’ सम्मेलन आयोजित
कांग्रेस मुख्यालय में ‘संविधान बचाओ–लोकतंत्र बचाओ’ सम्मेलन आयोजित
अनुसूचित विभाग की पहल — राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम, CWC सदस्य गुरदीप सप्पल रहे मुख्य अतिथि


देहरादून/नई दिल्ली।
कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आज अनुसूचित विभाग की ओर से ‘संविधान बचाओ–लोकतंत्र बचाओ सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष (अनुसूचित विभाग) राजेंद्र पाल गौतम तथा सीडब्ल्यूसी सदस्य व AICC प्रभारी प्रशासन गुरदीप सप्पल शामिल हुए।
अनुसूचित विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल ने वरिष्ठ नेताओं का सम्मान स्मृति-चिह्न एवं संविधान की प्रति भेंटकर किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने किया।
“क्यों पड़ रही है संविधान बचाने की ज़रूरत?” — प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि आज देश में ऐसी परिस्थितियाँ पैदा कर दी गई हैं, जहाँ संविधान की रक्षा के लिए आवाज़ बुलंद करना अनिवार्य हो गया है।
उन्होंने कहा—
“४०० पार का नारा भाजपा की असली मंशा बताता था। राहुल गांधी ने समय रहते देश को आगाह किया, इसी जागरूकता ने लोकतंत्र को रक्षा दी।”
गोदियाल ने कहा कि आज संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता खतरे में है। सत्ता पक्ष संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश में जुटा है।
उन्होंने कहा कि भारत की एकता और अखंडता संविधान की ताकत से कायम है, लेकिन वर्तमान शासन इसे कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।
दलित समाज के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने कहा:
“कांग्रेस आपके हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। समानता और मानवता तभी बचेंगी जब कांग्रेस मजबूत होगी।”
“अंबेडकर होना आसान नहीं”— राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम
राजेंद्र पाल गौतम ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संघर्षों और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा—
“बचपन में जाति के कारण अपमानित किए गए बच्चे ने 32 डिग्रियाँ हासिल कर इस देश का संविधान बनाया— यह असमानता पर सबसे बड़ी चोट है।”
उन्होंने अंबेडकर के उस संकल्प स्थल का उल्लेख किया जहाँ उन्होंने समाज के शोषित वर्ग को न्याय दिलाने का वचन लिया था।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो व्यक्ति को समान अधिकार दिलाती है।
“समानता की परंपरा बुद्ध से शुरू होकर अंबेडकर तक आई” — गुरदीप सप्पल
सीडब्ल्यूसी सदस्य और कांग्रेस के प्रशासन प्रभारी गुरदीप सप्पल ने कहा कि
समानता की परिकल्पना बुद्ध, कबीर और गुरु नानक से शुरू हुई,
इसे संवैधानिक स्वरूप अंबेडकर ने दिया।
उन्होंने कहा—
“आज शिक्षा महंगी कर दी गई है। सत्ता में बैठे लोग शिक्षा को व्यवसाय बना रहे हैं, जबकि कांग्रेस ने ही सस्ती शिक्षा और आरक्षण की व्यवस्था की।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय को बचाने के लिए कांग्रेस को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।
“मलिन बस्तियों से लेकर संविदा कर्मियों तक—सरकार कर रही अन्याय” — पूर्व सीएम हरीश रावत
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वर्तमान सरकार
मलिन बस्तियों के लोगों के साथ छलावा कर रही है,
संविदा कर्मचारियों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं,
कांग्रेस सरकार की योजनाओं को रोककर रखा गया है।
उन्होंने कहा—
“लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ हमें संगठित होकर आवाज़ उठानी होगी। हर फर्जी वोट और वोट कटने की कोशिश का मुकाबला करना होगा।”
“हर बूथ पर सतर्क रहना होगा”— डॉ. हरक सिंह रावत
चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि भाजपा न सिर्फ वोट चोरी करती है बल्कि सत्ता भी चुराती है।
उन्होंने कहा—
“अगर संविधान और लोकतंत्र को बचाना है तो कांग्रेस को सत्ता में लाना अनिवार्य है।”
अनुसूचित विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल का आह्वान
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल ने धन्यवाद देते हुए कहा कि कांग्रेस सदैव दलित, वंचित और शोषित समाज के साथ खड़ी रही है।
उन्होंने आवाहन किया कि हर नागरिक लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए कांग्रेस को मजबूती प्रदान करे।
कार्यक्रम में प्रमुख लोग उपस्थित रहे
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा, विधायक विक्रम नेगी, रवि बहादुर, संसद प्रत्याशी वीरेंद्र रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, राजेंद्र शाह, नवीन जोशी, सीपी सिंह, राजेंद्र भंडारी, महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी, मोहन काला, शीशपाल बिष्ट, अभिनव थापर, अनुसूचित विभाग जिला अध्यक्ष करण घाघट, बागेश्वर सिंह, मीना, सूरज सैलानी, सुनील आर्य, मोहन लाल बुराटा, अमित तलवार, आकाश चेरियल, सुरेंद्र सिंह असवाल, मुकेश नेगी, उमेश टम्टा, इंद्रपाल, सतीश दूबे, मुरारी लाल खड़वाल, डिंपल सिंह, सुनीता प्रकाश, संदीप पटवाल, दिनेश कौशल, विजय चौहान, सोनिया आनंद रावत, देवेंद्र सिंह, सुनील जायसवाल, राजकुमार जायसवाल, अमीचंद सोनकर, मुकेश सोनकर, NSUI से हिमांशु रावत, सिद्धार्थ अग्रवाल, शुभम चौहान, तेजस्वी राणा आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।
