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भाजपा को आईना दिखाती कांग्रेस : गलती स्वीकारने की संस्कृति भाजपा में नहीं, सिर्फ़ सस्ती राजनीति — डॉ. प्रतिमा सिंह

भाजपा को आईना दिखाती कांग्रेस :
गलती स्वीकारने की संस्कृति भाजपा में नहीं, सिर्फ़ सस्ती राजनीति — डॉ. प्रतिमा सिंह

 

 

देहरादून। कांग्रेस नेता डॉ. प्रतिमा सिंह ने भाजपा द्वारा हरक सिंह रावत के बयान को लेकर चलाए जा रहे दुष्प्रचार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा मीडिया प्रभारी और उनके साथी नेताओं को यह समझना चाहिए कि कांग्रेस गलती स्वीकारने और तुरंत क्षमा मांगने की संस्कृति में विश्वास रखती है, जबकि भाजपा का इतिहास इसके बिल्कुल उलट है।

हरक सिंह की ‘जुबान फिसलने’ पर तुरंत कार्रवाई, कांग्रेस की जवाबदेही स्पष्ट

डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि जैसे ही हरक सिंह रावत जी की जुबान फिसली, उन्होंने तत्काल बिना देर किए सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगी। उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष माननीय गणेश गोदियाल जी ने भी सिख समाज से विनम्रता पूर्वक क्षमा याचना की।

 

 

उन्होंने कहा —
कांग्रेस किसी भी धर्म, संप्रदाय या जाति की भावनाओं को आहत करने में विश्वास नहीं रखती।
अगर अनजाने में भी किसी को ठेस पहुँची है, तो कांग्रेस नेतृत्व माफ़ी मांगने में कभी पीछे नहीं हटता।

भाजपा के दोहरे चरित्र पर तीखा प्रहार

डॉ. प्रतिमा सिंह ने भाजपा नेताओं के बयानों को सस्ती लोकप्रियता का प्रयास बताते हुए कई बड़े सवाल उठाए—

1. पश्चिम बंगाल का शर्मनाक प्रकरण भाजपा भूल गई?

उन्होंने कहा—
“भाजपा के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष ने अपनी चप्पल फेंककर अपनी ही सुरक्षा में तैनात एक सिख जवान की पगड़ी पर मार दी थी। तब आज बयानबाज़ी करने वाले भाजपा नेता कहाँ थे? क्या उस पगड़ी-अपमान पर भाजपा ने एक शब्द बोला? एक माफ़ी तक नहीं!”

2. दिल्ली के भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा का बयान?

डॉ. प्रतिमा सिंह ने याद दिलाया—
“दिल्ली के भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने पंजाब नंबर की गाड़ियों को और उनमें बैठे लोगों को गणतंत्र दिवस के लिए खतरा बता दिया था। यह खुला अपमान था पंजाब और सिख समाज का।
तब भाजपा के ये तथाकथित ‘संवेदनशील’ नेता कहाँ गायब थे?”

कांग्रेस की संस्कृति : सम्मान, सौहार्द और जिम्मेदारी

डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा—
“कांग्रेस पार्टी सभी धर्मों, सभी जातियों और हर समुदाय का समान सम्मान करती है।
हमारे नेताओं ने गलती होते ही तुरंत माफ़ी मांगी, जबकि भाजपा में माफ़ी मांगना ‘कमज़ोरी’ माना जाता है—इसलिए वहाँ कभी जवाबदेही दिखाई ही नहीं देती।”

भाजपा की राजनीति — धर्म का उपयोग, सम्मान नहीं

उन्होंने कहा कि भाजपा का इतिहास धर्म और भावनाओं को राजनीति की प्रयोगशाला बनाने का रहा है।
“जिनके अपने नेताओं ने पगड़ी पर चप्पल फेंकी और पंजाबियों को शक की नजर से देखा, वे आज नाटक कर रहे हैं। यह उनकी राजनीति की दोहरी मानसिकता को उजागर करता है।”


अंत में डॉ. प्रतिमा सिंह का स्पष्ट संदेश

कांग्रेस दिल से माफ़ी मांगती है, भाजपा कैमरे देखकर बोलती है।
हमने सिख समाज से सम्मानपूर्वक क्षमा मांगी है और आगे भी सौहार्द की राजनीति ही करते रहेंगे।

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