एमडीडीए | एटीआई नैनीताल द्वारा आवास विभाग के नवनियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं का राष्ट्रीय अध्ययन भ्रमण
5 प्रमुख शहरों में आधुनिक शहरी विकास मॉडलों का किया जाएगा अध्ययन
देहरादून, 16 दिसंबर 2025 उत्तराखंड आवास विभाग के नवनियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किए जाने के उद्देश्य से प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (एटीआई), नैनीताल द्वारा 14 से 26 दिसंबर 2025 तक एक व्यापक राष्ट्रीय अध्ययन भ्रमण (स्टडी टूर) का आयोजन किया गया है। इस अध्ययन भ्रमण के अंतर्गत अभियंताओं को देश के प्रमुख शहरी केंद्रों देहरादून, शिमला, चंडीगढ़, नोएडा एवं दिल्ली में आधुनिक शहरी विकास मॉडलों का प्रत्यक्ष अध्ययन कराया जा रहा है।
इस अध्ययन भ्रमण का मुख्य उद्देश्य कनिष्ठ अभियंताओं को शहरी नियोजन, आवासीय विकास, स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट, ढलान स्थिरता, पार्किंग समाधान, सार्वजनिक स्थलों का प्रबंधन तथा सतत विकास मॉडल से व्यावहारिक रूप से अवगत कराना है, ताकि भविष्य में विभागीय कार्यों में गुणवत्ता, नवाचार एवं आधुनिक तकनीकों का प्रभावी समावेश हो सके।
सहस्रधारा सिटी फॉरेस्ट पार्क का किया भ्रमण
अध्ययन भ्रमण की शुरुआत देहरादून से हुई। प्रथम चरण में आज अभियंताओं के दल ने मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा सहस्रधारा क्षेत्र में विकसित सिटी फॉरेस्ट पार्क का भ्रमण किया। इस दौरान अभियंताओं ने पार्क की योजना, लैंडस्केप डिजाइन, हरित विकास मॉडल, पर्यावरण संरक्षण उपायों एवं नागरिक सुविधाओं के प्रबंधन का गहन अध्ययन किया।
भ्रमण के दौरान अभियंताओं ने पार्क में आए विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं आम नागरिकों से संवाद कर सिटी फॉरेस्ट को लेकर उनकी प्रतिक्रिया एवं अनुभव भी जाने। नागरिकों से प्राप्त फीडबैक के माध्यम से अभियंताओं को यह समझने का अवसर मिला कि किस प्रकार सार्वजनिक हरित स्थलों को नागरिक आवश्यकताओं एवं पर्यावरणीय संतुलन के अनुरूप विकसित किया जा सकता है।
अन्य शहरों में होगा व्यापक अध्ययन
देहरादून में अभियंता इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC), आईटीडीए, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, शहरी निगरानी प्रणाली, सार्वजनिक पार्कों की लैंडस्केपिंग, मटेरियल रिकवरी सेंटर एवं विरासत स्थलों के पुनर्विकास कार्यों का अध्ययन करेंगे। इसके पश्चात दल शिमला में HIMUDA द्वारा संचालित पहाड़ी क्षेत्रों की आवासीय योजनाओं, ढलान आधारित निर्माण तकनीकों, संरचित पार्किंग एवं हेरिटेज पब्लिक स्पेस का अवलोकन करेगा।
अगले चरण में चंडीगढ़ में अभियंता मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी, RDF प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, C&D वेस्ट प्लांट, कैपिटल कॉम्प्लेक्स, रॉक गार्डन, सुखना लेक एवं ICCC का अध्ययन करेंगे। अध्ययन भ्रमण के अंतिम चरण में नोएडा एवं दिल्ली में आधुनिक कार्यालय भवन, वेटलैंड आधारित अपशिष्ट प्रबंधन, निजी आवासीय परियोजनाएं, बड़े सार्वजनिक स्थल, रोबोटिक पार्किंग प्रणाली एवं अक्षरधाम मंदिर जैसे उच्च जन-आवागमन स्थलों के प्रबंधन मॉडल को समझा जाएगा। अध्ययन भ्रमण का समापन 26 दिसंबर 2025 को होगा।
उपाध्यक्ष एमडीडीए का बयान
इस अवसर पर उपाध्यक्ष, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए), श्री बंशीधर तिवारी ने कहा कि आज शहरी विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्मार्ट तकनीक, पर्यावरणीय संतुलन और नागरिक सुविधाओं के समन्वय का विषय बन चुका है। इस अध्ययन भ्रमण से कनिष्ठ अभियंता देश के अग्रणी शहरों में अपनाए जा रहे आधुनिक विकास मॉडलों को प्रत्यक्ष रूप से समझेंगे, जिससे उत्तराखंड में योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
सचिव एमडीडीए का बयान
वहीं सचिव एमडीडीए, श्री मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि यह अध्ययन भ्रमण कनिष्ठ अभियंताओं की तकनीकी क्षमता, योजना निर्माण कौशल और नवाचार को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विभिन्न राज्यों की श्रेष्ठ प्रथाओं को समझकर अभियंता उन्हें उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप लागू कर सकेंगे। इससे अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षित निर्माण और आधुनिक पार्किंग समाधान जैसे क्षेत्रों में राज्य को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।