नंदा–सुनंदा: बालिकाओं की शिक्षा को समर्पित पूजा से जिला प्रशासन ने की नववर्ष 2026 की शुरुआत
नंदा–सुनंदा: बालिकाओं की शिक्षा को समर्पित पूजा से जिला प्रशासन ने की नववर्ष 2026 की शुरुआत
04 बालिकाओं की शिक्षा ₹1.55 लाख से पुनर्जीवित, अब तक 93 बालिकाओं को मिला ₹33.50 लाख का सहयोग
देहरादून | 01 जनवरी 2026 | जि.सू.का.
नववर्ष 2026 के पहले ही दिन जिला प्रशासन देहरादून ने बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल करते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा को नई संजीवनी दी। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रोजेक्ट नंदा–सुनंदा के अंतर्गत 04 बालिकाओं की बाधित शिक्षा को ₹1.55 लाख की सहायता राशि से पुनर्जीवित किया गया। जिलाधिकारी श्री सविन बंसल ने लाभार्थी बालिकाओं को शिक्षा सहायता के चेक वितरित किए।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा प्रोजेक्ट नंदा–सुनंदा
जिलाधिकारी सविन बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में संचालित प्रोजेक्ट नंदा–सुनंदा का यह 11वां संस्करण है। इस परियोजना के माध्यम से अब तक 93 जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा ₹33.50 लाख की आर्थिक सहायता से पुनर्जीवित की जा चुकी है।
“बालिकाओं की शिक्षा से बड़ा कोई पुण्य नहीं”: डीएम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि नववर्ष की शुरुआत पूजा-अर्चना से की जाती है और जरूरतमंद बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित करना भी एक सच्ची पूजा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ मिले। इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप नवाचारात्मक योजनाएं संचालित कर रहा है।
कठिन परिस्थितियाँ शिक्षा की राह में बाधा नहीं बनेंगी
डीएम सविन बंसल ने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि निर्धनता और विपरीत परिस्थितियाँ किसी भी मेधावी बालिका की शिक्षा में आड़े नहीं आएंगी। जिला प्रशासन हर संभव सहयोग करेगा, बशर्ते बालिकाएं लक्ष्य निर्धारित कर पूरी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में सक्षम होकर ये बालिकाएं भी समाज के अन्य जरूरतमंदों की सहायता करेंगी।



इन बालिकाओं की शिक्षा हुई पुनर्जीवित
नंदनी राजपूत: वर्ष 2018 में पिता का निधन, माता सिलाई-बुनाई से परिवार का पालन कर रही हैं। आर्थिक तंगी के कारण 11वीं कक्षा की पढ़ाई बाधित।
नव्या नैनवाल: पिता की मृत्यु के बाद परिवार पर आर्थिक संकट, शिक्षा बोझ बन गई थी।
दिव्या: पिता दुर्घटना में दिव्यांग, माता-पिता की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते 9वीं की पढ़ाई प्रभावित।
आकांशी धीमान: परिवार की अत्यंत दयनीय आर्थिक स्थिति के कारण 8वीं कक्षा की पढ़ाई बाधित।
उच्च शिक्षा में भी प्रशासन का सहयोग
दून विश्वविद्यालय में अध्ययनरत जीविका अंथवाल के पिता गंभीर बीमारी के चलते आईसीयू में भर्ती हैं। आर्थिक संकट के कारण उनकी उच्च शिक्षा बाधित हो रही थी, जिसे जिला प्रशासन ने सहयोग देकर पुनर्जीवित किया।
लाभार्थी बालिकाओं ने जताया आभार
कार्यक्रम के दौरान लाभान्वित बालिकाओं ने भावुक होकर जिला प्रशासन, माननीय मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे उपस्थित
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, सीडीपीओ, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां तथा बालिकाओं के अभिभावक उपस्थित रहे।
