अंकिता भंडारी प्रकरण में वीआईपी को बचाने की कोशिश: डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की एफआईआर संज्ञान योग्य नहीं : सूर्यकांत धस्माना
देहरादून।
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी की संलिप्तता के खुलासे को लेकर चल रहे प्रदेशव्यापी आंदोलन से घबराई भाजपा सरकार अब ऐसी गतिविधियों में लिप्त नजर आ रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस प्रकरण में किसी प्रभावशाली व्यक्ति के नाम के सामने आने से भाजपा में राजनीतिक भूचाल आना तय है। इसी कारण सीबीआई जांच की संस्तुति के साथ-साथ अब वीआईपी को बचाने की पेशबंदी भी शुरू कर दी गई है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि इसी रणनीति की पहली कड़ी के रूप में पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी द्वारा वीआईपी के संदर्भ में एक नई एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिस पर आईजी गढ़वाल स्वयं यह स्पष्ट कर चुके हैं कि इसकी जांच सीबीआई करेगी।
श्री धस्माना ने कहा कि यह नई एफआईआर कानूनी रूप से न तो आवश्यक है और न ही संज्ञान के योग्य, क्योंकि अंकिता भंडारी प्रकरण की मूल एफआईआर पहले ही थाना लक्ष्मणझूला में दर्ज की जा चुकी थी। उसी एफआईआर के आधार पर पूरी जांच हुई, चार्जशीट दाखिल की गई, सत्र न्यायालय कोटद्वार में मुकदमा चला और तीन अभियुक्तों को सजा भी सुनाई जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार सीबीआई जांच की संस्तुति को स्वीकार करती है, तो सीबीआई को सत्र न्यायालय कोटद्वार से अग्रिम जांच की अनुमति लेकर न्यायालय में उपलब्ध सभी दस्तावेजों के आधार पर जांच करनी होगी। लेकिन आईजी गढ़वाल के बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि सीबीआई इस न्यायिक प्रक्रिया को अपनाने के बजाय डॉ. अनिल प्रकाश जोशी द्वारा दर्ज कराई गई नई एफआईआर के आधार पर जांच आगे बढ़ा सकती है, जो गंभीर सवाल खड़े करता है।
सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि डॉ. अनिल प्रकाश जोशी उत्तराखंड के एक प्रतिष्ठित नागरिक हैं और देशभर में पर्यावरण के क्षेत्र में उनकी पहचान है, लेकिन अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर पिछले तीन वर्षों में उनके द्वारा कभी इस तरह खुलकर न तो निंदा की गई और न ही जांच की मांग उठाई गई। ऐसे में अचानक वीआईपी के संदर्भ में प्राथमिकी दर्ज कराना न केवल आश्चर्यजनक है, बल्कि उनकी भूमिका और मंशा पर भी प्रश्नचिह्न खड़े करता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार द्वारा सीबीआई जांच को भटकाने या न्यायिक प्रक्रिया को नजरअंदाज करने का कोई भी प्रयास किया गया, तो कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी।
