श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को मर्यादित जीवन जीकर बैकुंठ धाम पहुंचने का मार्ग दिखाती है : सूर्यकांत धस्माना
देहरादून।
श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा मनुष्य के मन से संसार के सबसे बड़े सत्य “मृत्यु” के भय को दूर करती है और उसे सद्मार्ग पर चलकर मर्यादित जीवन जीने तथा बैकुंठ लोक की ओर अग्रसर होने का मार्ग प्रशस्त करती है। यह बात उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कही।
श्री धस्माना आज श्री महाकाल सेवा समिति द्वारा तुलसी मंदिर प्रतिष्ठान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कथा के सफल आयोजन पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि कलियुग में ईश्वर के नाम का महत्व स्वयं ईश्वर से भी अधिक है। ईश्वर स्मरण और पवित्र मन से किया गया नाम जाप मनुष्य को भवसागर से पार कर देता है और जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।
श्री धस्माना ने महाकाल सेवा समिति द्वारा समाज हित में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पूज्य देवेंद्र दास जी के सानिध्य एवं संरक्षण में समिति द्वारा रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य शिविर जैसे अनेक पुण्य कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समिति अपने अध्यक्ष रोशन राणा के नेतृत्व में जो कार्य कर रही है, वह अन्य सामाजिक संगठनों के लिए भी प्रेरणादायक है।
इस अवसर पर कथा व्यास एवं उत्तराखंड के प्रसिद्ध, लब्धप्रतिष्ठित संत पूज्य आचार्य सुभाष जोशी ने श्री धस्माना को पुष्पमाला एवं अंगवस्त्र पहनाकर तथा स्मृति चिह्न भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया।
कार्यक्रम में महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष रोशन राणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बालकिशन शर्मा, उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल, सचिव संजीव गुप्ता, विनय प्रजापति, आलोक जैन, हेमराज अरोड़ा, उमेश जिंदल, राहुल माटा, सुमित बंसल, विशाल तनेजा सहित अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
