“किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या: प्रशासन की संवेदनहीनता पर सवाल”
किसान की न्याय की लड़ाई में मिली उपेक्षा और अपमान, कांग्रेस ने पीड़ित परिवार को मुआवजा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की…


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उधमसिंह नगर, 11 जनवरी 2026
न्यूज़
उधमसिंह नगर से दुखद समाचार आया है। किसान सुखवंत सिंह ने अपनी जमीन के विवाद में न्याय न मिलने और प्रशासनिक उपेक्षा के चलते आत्महत्या कर ली। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के गृह जनपद में हुई यह घटना राज्य सरकार की संवेदनहीनता और कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को उजागर करती है।
कांग्रेस पार्टी ने घटना की निंदा करते हुए इसे प्रशासनिक विफलता और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था पर गहरा प्रश्नचिन्ह बताया। पार्टी ने कहा कि किसान न्याय की तलाश में अपनी जमीन की रक्षा की लड़ाई लड़ता रहा, लेकिन उसे प्रशासन और पुलिस से राहत नहीं बल्कि अपमान, धक्के और गाली-गलौज मिली।
पार्टी ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे बयानबाज़ी छोड़कर जमीन पर कार्रवाई करें और अपनी व्यवस्था को पटरी पर लाएं। कांग्रेस ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और प्रदेश में बढ़ते भूमि घोटालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की।
कांग्रेस ने कहा कि केवल संवेदना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रदेश की जनता को न्याय चाहिए। पार्टी ने किसान सुखवंत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
पिछले कुछ दिनों में हरिद्वार में पुलिस अभिरक्षा में एक हिस्ट्रीशीटर की हत्या की गम्भीर घटना अभी ठंडी भी नहीं हुई थी, और अब किसान की आत्महत्या ने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उत्तराखंड कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि वह हर नागरिक के साथ खड़ी है और इस अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करती रहेगी।
