BJP UTTRAKHAND

विवादों को जिंदा रख 2027 की संभावनाएं तलाश रही है कांग्रेस:भट्ट

देहरादून, 14 जनवरी।
भारतीय जनता पार्टी ने सभी राजनीतिक दलों और पक्षों से आग्रह किया है कि उत्तराखंड अब विकास के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहता है, इसलिए प्रदेश में चल रही कानूनी प्रक्रियाओं को समय दिए जाने की आवश्यकता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा कि जनता को राज्य सरकार पर पूरा भरोसा है, लेकिन विपक्ष लगातार विवादों को जीवित रखकर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में अपनी संभावनाएं तलाश रहा है।

प्रेस को जारी बयान में श्री भट्ट ने कहा कि कांग्रेस हर विषय पर नकारात्मक राजनीति करने की आदत से बाहर नहीं निकल पा रही है, चाहे मामला कितना ही संवेदनशील और गंभीर क्यों न हो। उन्होंने कहा कि किसान आत्महत्या के प्रकरण को ही लें, तो यह पूरे प्रदेश के लिए दुखद घटना है और सरकार इस पर पूरी जिम्मेदारी के साथ सख्त कार्रवाई कर रही है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही के दोषी पाए गए अधिकारियों को निलंबित किया गया है, मामले में एसआईटी गठित की गई है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इसके बावजूद विपक्ष के नेता इस संवेदनशील घटना पर भी गैर-जिम्मेदाराना और असंवेदनशील बयान देकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। श्री भट्ट ने कहा कि स्थानीय स्तर पर यदि कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच और कठोर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए हैं, लेकिन विपक्ष द्वारा मौत पर राजनीति करना और पूरी पुलिस-प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास का माहौल बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार अंकिता प्रकरण में भी सीबीआई जांच की घोषणा के बाद कांग्रेस नेता जनभावनाओं से अलग बयानबाजी कर रहे हैं। जबकि पीड़ित परिवार की इच्छा के अनुरूप शीर्ष जांच एजेंसी की भूमिका तय होने के बाद इस मुद्दे पर राजनीति की कोई गुंजाइश नहीं बची है। इसके बावजूद कांग्रेस का वास्तविक उद्देश्य इस मामले को 2027 तक राजनीतिक मुद्दा बनाए रखना है।

श्री भट्ट ने कहा कि आज ऐसे तमाम लोग इस प्रकरण में अधिक सक्रिय नजर आ रहे हैं, जो आगामी विधानसभा चुनावों में अपनी संभावनाएं तलाश रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि प्रदेश की जनता को पहले से ही धामी सरकार पर भरोसा था और अब सीबीआई जांच की घोषणा के बाद पीड़ित परिवार भी संतुष्ट है। इसी हताशा और निराशा में कांग्रेस काशीपुर और अल्मोड़ा की घटनाओं पर भी गैर-जिम्मेदार राजनीति कर रही है।

उन्होंने सभी से आग्रह किया कि 2027 में अभी समय है, इसलिए जनभावनाओं के अनुरूप राज्य के विकास कार्यों में सभी को सहयोग करना चाहिए। अब तक धामी सरकार का रिकॉर्ड जीरो टॉलरेंस का रहा है, ऐसे में वर्तमान घटनाओं को लेकर कानूनी प्रक्रिया को अपना काम करने के लिए समय दिया जाना चाहिए।

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