बर्फबारी से मुस्कुराई मसूरी, लेकिन ट्रैफिक जाम ने छीना सैलानियों का सुकून
मसूरी।
पहाड़ों की रानी मसूरी में लगभग दो वर्ष बाद हुई बर्फबारी ने एक बार फिर पर्यटन को रफ्तार दे दी है। बर्फ देखने की चाह में बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी और आसपास के पर्यटन स्थलों की ओर उमड़ पड़े। हालांकि, भारी भीड़ के चलते मसूरी सहित आसपास के मार्गों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही, जिससे सैलानियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बर्फबारी की खबर सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों से फैलते ही मसूरी, लाल टिब्बा, धनोल्टी, बुरांशखंडा, कद्दूखाल और काणाताल की ओर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया। वीकेंड होने के कारण पर्यटकों की संख्या और अधिक बढ़ गई, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

मसूरी–देहरादून मार्ग पर सबसे अधिक दबाव
मसूरी–देहरादून मार्ग पर वैली ब्रिज, कोल्हूखेत और जेपी बैंड से लाइब्रेरी चौक तक करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। इसके अलावा कैंपटी रोड, लंढौर रोड, टिहरी बाईपास (एनएच-707ए), सुवाखोली और बुरांशखंडा मार्ग पर भी वाहन घंटों रेंगते नजर आए।
पिक्चर पैलेस से लंढौर और लाल टिब्बा जाने वाले मार्गों पर भी यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। लंढौर बाजार में पर्यटक और स्थानीय लोग लंबे समय तक जाम में फंसे दिखाई दिए।
अतिरिक्त पुलिस बल भी नहीं दे सका राहत
यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया था, लेकिन पर्यटकों की अत्यधिक संख्या के कारण हालात काबू में नहीं आ सके। कई सैलानी घंटों तक अपने वाहनों में फंसे रहे। सोशल मीडिया पर भी पर्यटकों ने मसूरी की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की।
कारोबार को लाभ, अव्यवस्था बनी चिंता![]()
पर्यटकों की भारी आमद से होटल, रेस्तरां, टैक्सी और अन्य स्थानीय व्यवसायों में रौनक लौट आई है। लंबे समय बाद हुई बर्फबारी को स्थानीय लोगों ने उत्सव की तरह मनाया, लेकिन बढ़ती भीड़ के बीच यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि बर्फबारी के दौरान विशेष सावधानी बरतें, अनावश्यक रूप से सड़कों पर वाहन खड़े न करें। फिसलन और जाम के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। साथ ही स्थानीय लोगों से भी आग्रह किया गया है कि संकट में फंसे पर्यटकों की मदद करें।
