उत्तराखंड के स्पोर्ट्स हीरो डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत को गणतंत्र दिवस पर मिले दो राष्ट्रीय सम्मान
देहरादून।
उत्तराखंड के प्रसिद्ध खेल व्यक्तित्व एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के अवसर पर दिल्ली में दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें पिछले 27 वर्षों से खेल और समाज सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया।

डॉ. रावत को भारत सरकार से संबद्ध संस्था वर्थी वेलनेस फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान संस्था के डायरेक्टर राम मोहन बाजपेई एवं एडमिनिस्ट्रेटर हर्षित बाजपेई द्वारा दिया गया।
इसके अतिरिक्त भारत सरकार से संबद्ध ट्राइकलर नेशन फाउंडेशन की ओर से उन्हें राष्ट्रीय सत्यमेव जयते सम्मान से भी सम्मानित किया गया। यह सम्मान संस्था के डॉ. राजीव देशपांडे एवं मैनेजर कविता मल्होत्रा द्वारा प्रदान किया गया।
डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर दो राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत गौरव का विषय है। उन्होंने यह सम्मान देश के समस्त खिलाड़ियों, कोचों और रेफरी को समर्पित किया।
उन्होंने बताया कि वे पूर्व नेशनल फुटबॉल खिलाड़ी, रेफरी, इंटरनेशनल कोच, राज्य आंदोलनकारी, पूर्व विधायक प्रत्याशी एवं समाजिक कार्यकर्ता रहे हैं और बीते 27 वर्षों से उत्तराखंड एवं देश में खेलों के समुचित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके प्रयासों से अब तक हजारों खिलाड़ी, कोच और रेफरी तैयार किए जा चुके हैं।
डॉ. रावत ने बताया कि खेल और समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें अब तक 85 से अधिक राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से पद्म श्री पुरस्कार के लिए आवेदन कर रहे हैं और नामांकन प्रक्रिया में शामिल रहे हैं, लेकिन वर्ष 2024, 2025 और 2026 में उनका नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि पद्म श्री मिले या न मिले, वे समाज और खेल जगत के हित में अपना कार्य पूरी निष्ठा के साथ जारी रखेंगे।
